उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती में आधुनिक मशीनरी खरीदने, सिंचाई का पक्का इंतजाम करने और कृषि आधारित नए व्यवसाय शुरू करने का सपना अब आसान होने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ (Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana) के आधिकारिक ई-पोर्टल (E-Portal) का शुभारंभ कर दिया है।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पात्र किसानों को लंबी अवधि (Long-Term) के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक का कृषि ऋण (Agri Loan) उपलब्ध कराया जाएगा। सबसे राहत की बात यह है कि जहाँ बैंकों से कृषि ऋण 11 से साढ़े 11 प्रतिशत की भारी ब्याज दर पर मिलता था, वहीं इस योजना के माध्यम से किसानों को प्रभावी रूप से मात्र 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। बाकी का 5 प्रतिशत ब्याज का बोझ खुद उत्तर प्रदेश सरकार सब्सिडी (Interest Subvention) के रूप में उठाएगी।
92% छोटे और सीमांत किसानों को सीधा फायदा पहुंचाने की रणनीति
उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र की ज़मीनी हकीकत यह है कि प्रदेश के लगभग 92 प्रतिशत किसान परिवार लघु एवं सीमांत (Small & Marginal Farmers) श्रेणी में आते हैं। इनके पास 1 से 2 हेक्टेयर या उससे भी कम ज़मीन है।
- पूंजी की किल्लत खत्म: छोटे किसानों के पास इतना एकमुश्त पैसा नहीं होता कि वे ट्रैक्टर, थ्रेशर, सोलर पंप लगा सकें या बोरिंग करवा सकें।
- साहूकारों के चंगुल से मुक्ति: बैंक लोन की जटिल प्रक्रिया और भारी ब्याज दर के डर से किसान अक्सर गांव के साहूकारों या महाजनों से महंगे ब्याज पर कर्ज लेते थे।
- दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा: कृषक समृद्धि योजना का सीधा मकसद किसानों को खेती में स्थायी संपत्ति (Assets Creation) बनाने के लिए सस्ता और संस्थागत कर्ज दिलाना है।
11.50% की जगह सिर्फ 6% ब्याज: जानिए सब्सिडी का पूरा गणित
योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ब्याज दर में मिलने वाली भारी छूट है। वर्तमान व्यवस्था में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (UP Cooperative Gram Vikas Bank) से दीर्घकालीन कृषि ऋण लेने पर किसानों को 11% से 11.50% तक वार्षिक ब्याज चुकाना पड़ता था।
ब्याज सब्सिडी का फॉर्मूला:
- सरकार देगी 5% की राहत: राज्य सरकार ने तय किया है कि जो किसान समय पर लोन की किश्तें चुकाएंगे, उन्हें सरकार की तरफ से 5 प्रतिशत तक का ब्याज अनुदान (Interest Subsidy) मिलेगा।
- किसान को देना होगा सिर्फ 6%: इस सरकारी मदद के बाद किसान के लिए लोन की प्रभावी ब्याज दर घटकर सिर्फ 6 प्रतिशत सालाना रह जाएगी।
- समय पर भुगतान जरूरी: यह सब्सिडी केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जो बैंक की किश्तें (EMIs) तय समयसीमा के भीतर जमा करेंगे। समय पर भुगतान न करने पर यह छूट रद्द हो सकती है।
📈 5 साल का रोडमैप: 5 लाख किसानों को जोड़ने के लिए 384 करोड़ का बजट
योगी सरकार ने इस योजना को केवल कागजों तक सीमित न रखकर ज़मीन पर उतारने के लिए ठोस वित्तीय और प्रशासनिक इंतज़ाम किए हैं:
- 384 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड को 384 करोड़ रुपये का विशेष फंड उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है।
- 5 साल में 5 लाख किसान: यह बजट वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक (अगले 5 वर्षों) के लिए जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 5 सालों में प्रदेश के 5 लाख छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
किन-किन कामों के लिए मिलेगा 6 लाख रुपये तक का लोन?
इस योजना के तहत मिलने वाला कर्ज सिर्फ बीज या खाद खरीदने जैसे दैनिक खर्चों के लिए नहीं है, बल्कि इसका उपयोग खेती का ढांचा मजबूत करने में किया जाएगा:
- सिंचाई व्यवस्था का विस्तार: नलकूप (Tube Well) लगवाने, पाइपलाइन बिछाने, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम स्थापित करने के लिए।
- कृषि यंत्रों की खरीद: छोटे ट्रैक्टर, पावर टिलर, रीपर, थ्रेशर और अन्य आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने के लिए।
- संरक्षित खेती (Protected Farming): पॉलीहाउस, शेडनेट हाउस का निर्माण और बागवानी (Horticulture) को बढ़ावा देने के लिए।
- पशुपालन व एग्री-बिजनेस: डेयरी फार्मिंग, बकरी पालन, मत्स्य पालन (Fish Farming) और गोदाम (Cold Storage/Godown) जैसे कृषि-सहायक व्यवसाय शुरू करने के लिए।
गांव-गांव तक ‘भारत टैक्सी’ सेवा का भी विस्तार
ई-पोर्टल के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान योगी सरकार ने राज्य में ट्रांसपोर्ट और रोजगार को गति देने के लिए ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) पहल का भी विस्तार किया।
- 75 जिलों में पहुंचेगी सेवा: सरकार का लक्ष्य भारत टैक्सी मॉडल (जिसमें बाइक, ऑटो और कैबल शामिल हैं) को यूपी के सभी 75 जिलों में लागू करना है।
- पैक्स (PACS) से जुड़ेगा नेटवर्क: गांवों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की मदद से भारत टैक्सी के दायरे को ग्रामीण इलाकों तक पहुँचाया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को परिवहन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
योजना का संक्षिप्त विवरण (एक नज़र में)
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मुख्य बिंदु |
विवरण |
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योजना का नाम |
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना (उत्तर प्रदेश) |
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अधिकतम लोन राशि |
₹6,000,000 (6 लाख रुपये तक) |
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प्रभावी ब्याज दर |
6% प्रति वर्ष (समय पर भुगतान करने पर) |
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सरकारी सब्सिडी |
5% वार्षिक ब्याज अनुदान |
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लक्ष्य |
5 वर्षों में 5,000,000 किसान |
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कुल स्वीकृत बजट |
₹384 करोड़ (2026-27 से 2030-31) |
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पात्रता |
उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसान |
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ और इसका नया ई-पोर्टल राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी साबित हो सकता है। 6 प्रतिशत की सस्ती ब्याज दर पर 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कर्ज मिलने से छोटे किसानों को बिना किसी वित्तीय तंगी के अपनी खेती को आधुनिक बनाने का मौका मिलेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह रहेगा कि बैंक स्तर पर यह लोन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और सरल रहती है, ताकि आम किसान बिना चक्कर काटे ई–पोर्टल के ज़रिए इस योजना का सीधा लाभ उठा सकें।




