लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, किसानों की आर्थिक मजबूती, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े 23 अहम प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगा दी गई है। इस कैबिनेट बैठक में कृषि क्षेत्र को संबल देने के लिए जहां एक तरफ बंद पड़ी छाता चीनी मिल को आधुनिक इथेनॉल कॉम्प्लेक्स में बदलने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, वहीं दूसरी तरफ लघु और सीमांत किसानों के लिए बेहद सस्ती दरों पर दीर्घकालिक कृषि ऋण उपलब्ध कराने की योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, खिलौना निर्माण नीति और पूर्व अग्निवीरों के लिए नौकरियों में आरक्षण जैसे दूरगामी फैसले भी शामिल हैं।
19 साल से बंद छाता चीनी मिल में लगेगा इथेनॉल प्लांट, गन्ने के साथ मक्का और धान का होगा उपयोग
मथुरा जिले की छाता चीनी मिल जो पिछले करीब 19 वर्षों से बंद पड़ी थी, अब वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और हरित ईंधन का एक बड़ा केंद्र बनने जा रही है। योगी कैबिनेट ने इस बंद पड़ी मिल के परिसर में एक विशाल इथेनॉल उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
- 200 करोड़ से अधिक का निवेश: प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट खर्च किया जाएगा।
- 3.96 करोड़ लीटर उत्पादन क्षमता: प्रस्तावित एक्सटेंशन प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 3.96 करोड़ लीटर होगी। इस प्लांट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह साल में 11 महीने लगातार संचालित होगा।
- गन्ना, मक्का और धान का बहु-उपयोग: गन्ने का पेराई सीजन खत्म होने के बाद, इस प्लांट में मक्का और धान (चावल के अवशेषों) का इस्तेमाल करके इथेनॉल तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्र के मक्का और धान उत्पादक किसानों को भी अपनी उपज का उचित और त्वरित मूल्य मिल सकेगा।
- नोएडा एयरपोर्ट से नजदीकी का लाभ: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 40 मिनट की दूरी पर स्थित होने के कारण इस मिल परिसर में विशाल गोदाम, लॉजिस्टिक्स हब और सहायक उद्योग स्थापित होने की अपार संभावनाएं हैं। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: 6% की रियायती ब्याज दर पर मिलेगा 6 लाख रुपये का दीर्घकालिक ऋण
प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार ने वित्तीय सहायता का बड़ा ढांचा तैयार किया है। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत राज्य के किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण (Long-term Agriculture Loan) देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
- 6 लाख रुपये तक का कर्ज: उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से पात्र किसानों को 6 लाख रुपये तक की ऋण राशि स्वीकृत की जाएगी।
- मात्र 6% सालाना ब्याज: इस योजना के तहत किसानों को केवल 6 प्रतिशत प्रतिवर्ष की रियायती ब्याज दर पर धन उपलब्ध कराया जाएगा।
- कृषि परिसंपत्तियों का निर्माण: इस ऋण राशि का उपयोग किसान भाई नलकूप खनन, ट्रैक्टर व आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद, डेयरी फार्मिंग, बागवानी और शेड निर्माण जैसे दीर्घकालिक कार्यों के लिए कर सकेंगे, जिससे उनकी खेती की लागत घटेगी और उत्पादकता में सुधार होगा।
पूर्व अग्निवीरों को उप जेल वार्डन भर्ती में 20% का सीधा आरक्षण
देश सेवा करके लौटने वाले अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य और उनके पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने एक बड़ा कल्याणकारी निर्णय लिया है। कैबिनेट ने राज्य की जेल सेवा में उप जेल वार्डन (Deputy Jail Warden) के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने के नियमावली संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अनुशासित और प्रशिक्षित सैन्य युवाओं को राज्य पुलिस व जेल प्रशासन की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण नीति-2025 को हरी झंडी
राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को गति देने के लिए कैबिनेट ने दो बड़े औद्योगिक प्रस्तावों को पास किया है:
1. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का संशोधित प्रस्ताव
बुंदेलखंड क्षेत्र में कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के जरिए चित्रकूट धाम की पहुंच बेहद सुगम और त्वरित हो जाएगी।
2. यूपी खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025
भारत को खिलौना निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाने के विजन के तहत राज्य सरकार ने ‘खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025’ को स्वीकृत किया है। इसके जरिए राज्य में टॉय पार्क्स की स्थापना, स्वदेशी खिलौना निर्माण इकाइयों को वित्तीय सब्सिडी और एमएसएमई उद्यमियों को विशेष छूट प्रदान की जाएगी।
बेसिक स्कूलों का कायाकल्प: बनेंगे स्मार्ट स्कूल, PRD स्वयंसेवकों को कैशलेस इलाज
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए भी कैबिनेट ने बड़े फैसले लिए हैं:
- परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प: बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों, डिजिटल क्लासरूम और कंप्यूटर लैब से लैस करके ‘स्मार्ट स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
- पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस इलाज: प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिजनों को राज्य सरकार की कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने के प्रस्ताव को पास किया गया है, जिससे वे सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज करा सकेंगे।
मिल्कीपुर में NSG सेंटर के लिए भूमि आवंटित व स्टांप शुल्क में बड़ी राहत
- अयोध्या में एनएसजी का क्षेत्रीय केंद्र: सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से अयोध्या जनपद की मिल्कीपुर तहसील स्थित ग्राम पूरे लाल खान में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा निशुल्क भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
- पट्टा किराएदारी पर स्टांप शुल्क में छूट: राज्य में व्यापार और आवासीय पट्टों को बढ़ावा देने के लिए 10 वर्ष तक की अवधि वाले किराएदारी पट्टों (Tenancy Leases) पर लागू होने वाले प्रभार्य स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया है।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट के ये 23 फैसले स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार कृषि, उद्योग, रोजगार और जन–सुविधाओं को एक साथ साधकर आगे बढ़ रही है। 19 साल से बंद छाता चीनी मिल का पुनरुद्धार और किसानों को 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 6 लाख रुपये तक का कर्ज देने जैसी योजनाएं आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाएंगी।




