राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्याज के खुदरा दामों में हाल ही में आई अचानक तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने का फैसला लिया है। सरकारी हस्तक्षेप के तहत 27 अगस्त 2026 से दिल्ली भर में मात्र 35 रुपये प्रति किलो की सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खुदरा बाजार के बढ़े हुए दामों पर लगाम लग सके।
- NAFED और NCCF को सौंपी गई वितरण की मुख्य जिम्मेदारी:
इस राहत योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए उपभोक्ता मामलों के विभाग ने दो प्रमुख एजेंसियों, एनएएफईडी (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) को मैदान में उतारा है। ये दोनों सहकारी समितियां दिल्ली के प्रमुख परिसरों, रिटेल आउटलेट्स और चलती-फिरती मोबाइल वैन के माध्यम से सस्ती दरों पर प्याज का वितरण सुनिश्चित कर रही हैं। - प्रारंभिक चरण में 15 मोबाइल वैन से होगी घर-घर तक पहुंच:
लोगों तक आसानी से प्याज पहुंचाने के लिए NCCF ने शुरुआती चरण में 15 मोबाइल वैन तैनात की हैं, जो दिल्ली के अलग-अलग आवासीय इलाकों में जाकर बिक्री करेंगी। सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे स्थानीय स्तर पर मांग बढ़ेगी, इन मोबाइल वैनों की संख्या को बढ़ाकर तुरंत 40 तक कर दिया जाएगा ताकि किसी भी इलाके में प्याज की किल्लत न हो। - मध्य और दक्षिण दिल्ली की इन 16 प्रमुख लोकेशनों पर बिक्री चालू:
सरकारी योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख प्रशासनिक और रिहायशी क्षेत्रों को कवर किया गया है। इसमें सीजीओ कॉम्प्लेक्स, कृषि भवन, एनसीयूआई कॉम्प्लेक्स, सीआर पार्क, पुष्पा भवन, कालकाजी नगर, एफसीआई बाराखंभा रोड, जोधपुर हॉस्टल पंडारा पार्क, आश्रम, किडवई नगर, भिकाजी कामा प्लेस, दिल्ली कैंट, आईएनए मार्केट, लाजपत नगर, जंगपुरा और विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन जैसे 16 प्रमुख स्थान शामिल हैं। - उत्तरी और बाहरी दिल्ली के इन क्षेत्रों को भी मिला नेटवर्क का लाभ:
मध्य दिल्ली के अलावा सरकार ने बाहरी और ग्रामीण सीमाओं से लगे इलाकों को भी बिक्री नेटवर्क से जोड़ा है। संत नगर, नरेला, अलीपुर, बकोली, स्वरूप नगर, शाहाबाद, सदर बाजार, रोहिणी सेक्टर 22, अवंतिका, विजय विहार और नाथूपुरा के निवासी भी अपने नजदीकी काउंटरों से 35 रुपये प्रति किलो की दर पर प्याज खरीद सकते हैं। - पश्चिम और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के 11 अन्य महत्वपूर्ण केंद्र:
दिल्ली के पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों को कवर करते हुए शालीमार बाग, इंद्रलोक, बुध विहार, लोकनायक पुरम, टिकरी बॉर्डर, नजफगढ़ बस स्टैंड, कीर्ति नगर, भजनपुरा, अशोक पार्क, बवाना जेजे कॉलोनी और प्रेम नगर में भी सस्ती बिक्री के विशेष केंद्र बनाए गए हैं, जहां आम नागरिक सीधे खरीदारी कर रहे हैं। - सरकारी बफर स्टॉक से प्याज रिलीज करने की रणनीति सफल:
बाजार में जमाखोरी रोकने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार अपने आपातकालीन बफर स्टॉक (Buffer Stock) का उपयोग कर रही है। जब भी देश के किसी हिस्से में कृषि उत्पादों के दाम असामान्य रूप से बढ़ते हैं, तब सरकार बफर स्टॉक से माल निकालकर सीधे उपभोक्ता तक पहुंचाती है, जिससे खुदरा बाजार में कीमतें तुरंत नीचे आ जाती हैं। - त्योहारी सीजन से पहले महंगाई पर लगाम कसने का प्रयास:
आने वाले हफ्तों में त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में रसोई के बजट को संतुलित रखना सरकार की प्राथमिकता है। प्याज, टमाटर और आलू जैसी दैनिक उपभोग की सब्जियों के दाम काबू में रखने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सीधे आर्थिक राहत मिलेगी और बाजार में अनियंत्रित महंगाई की स्थिति नहीं बनेगी। - उपभोक्ताओं से पैनिक बाइंग न करने की अपील:
मंत्रालय और विपणन एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग यानी आवश्यकता से अधिक प्याज की खरीदारी न करें। सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में प्याज का स्टॉक मौजूद है और जब तक बाजार में दरें सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक यह सस्ती बिक्री योजना दिल्ली के सभी 40 केंद्रों पर सुचारू रूप से चालू रहेगी।
व्यापारियों और काला बाजारियों पर रखी जा रही कड़ी नजर:
सस्ते प्याज की बिक्री के साथ–साथ राज्य प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग की टीमें मंडियों में जमाखोरी करने वाले बिचौलियों पर भी निगरानी रख रही हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि यदि कोई व्यापारी कृत्रिम रूप से प्याज की किल्लत पैदा करने की कोशिश करेगा, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि आम जनता को वाजिब दाम पर ही सामान मिले।




