ग्रेटर नोएडा। एशिया के सबसे तेजी से उभरते व्यापारिक महाकुंभ चौथे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 (UPITS 2026) के तीसरे दिन रविवार को एक्सपो मार्ट में जनसैलाब और कारोबारी गतिविधियों का नया इतिहास रचा गया। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में शाम 5 बजे तक ही 2,00,000 (2 लाख) से अधिक आगंतुकों की मौजूदगी दर्ज की गई।
रविवार की छुट्टी के कारण प्रदर्शनी हॉल में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घरेलू व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों, एमएसएमई (MSME) उद्यमियों, निर्यातकों, विद्यार्थियों और आम परिवारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उत्तर प्रदेश के कुटीर उद्योग, विनिर्माण क्षमता, पारंपरिक हस्तशिल्प और खान-पान का यह मंच केवल प्रदर्शन तक सीमित न रहकर वैश्विक सोर्सिंग और अरबों रुपये के व्यापारिक समझौतों का सबसे भरोसेमंद केंद्र साबित हुआ।
B2B बैठकों में ऐतिहासिक उछाल: 1,150 समझौते और ₹2,000 करोड़ का व्यापार
UPITS 2026 के तीसरे दिन कारोबारी गतिविधियों ने नए आयाम छुए। एक्सपो सेंटर के अलग-अलग हॉलों में दिनभर अंतर्राष्ट्रीय आयातकों और राज्य के स्थानीय विक्रेताओं व निर्माताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत जारी रही।
- 6,700 से अधिक B2B बैठकें: विदेशी बायर्स, घरेलू थोक विक्रेताओं और उत्तर प्रदेश के एमएसएमई व ओडीओपी (ODOP) उत्पादकों के बीच दिनभर गहन व्यापारिक संवाद हुआ।
- ₹2,000 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार: बैठकों के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 1,150 से अधिक व्यावसायिक समझौतों (MoUs) और ऑर्डरों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹2,000 करोड़ रही।
- परिणामोन्मुखी बिजनेस प्लेटफॉर्म: तीन दिनों में लगातार बढ़ती B2B डील्स ने यह साबित कर दिया है कि यूपी के छोटे से छोटे शहरों के उत्पादकों के लिए अब विदेशी बाजारों तक पहुंचना आसान और पारदर्शी हो गया है।

वैश्विक बाजार पर छाने को तैयार यूपी का MSME: पीयूष गोयल
तीसरे दिन के सबसे महत्वपूर्ण नीतिगत सत्र में भारत सरकार के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शिरकत की। वे फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) द्वारा आयोजित “वैश्विक व्यापार वृद्धि के लिए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) का लाभ” विषयक विशेष नॉलेज सेमीनार को संबोधित कर रहे थे।
सत्र में राज्य के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव शशिशेखर लाल सुशील (IAS), IEML के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार और FIEO के महानिदेशक डॉ. अजय सहाय सहित कई दिग्गज नीति निर्माता मौजूद रहे।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:
- FTAs का सीधा लाभ: भारत द्वारा दुनिया के प्रमुख विकसित देशों के साथ किए जा रहे ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स’ (FTAs) का सीधा फायदा उत्तर प्रदेश के कृषि, टेक्सटाइल, लेदर, वुडक्राफ्ट और हस्तशिल्प क्षेत्रों को मिलेगा।
- विश्वस्तरीय गुणवत्ता पर जोर: पीयूष गोयल ने निर्यातकों से कहा कि वे वैश्विक मानकों के अनुरूप गुणवत्ता (Quality Control) और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करें, ताकि ‘मेड इन यूपी’ का लेबल अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी खास पहचान बना सके।
- मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत: एक्सप्रेसवे का विस्तृत नेटवर्क, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नए फ्रेट कॉरिडोर और एमएसएमई पार्कों के कारण उत्तर प्रदेश अब भारत की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा इंजन बन चुका है।
ई-कॉमर्स, डिजिटल मार्केट और वुडक्राफ्ट सस्टेनेबिलिटी पर मंथन
व्यापारिक बैठकों के साथ-साथ एक्सपो सेंटर में उद्योग जगत के दिग्गजों और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न ज्ञान सत्रों का आयोजन हुआ:
- डिजिटल मार्केटप्लेस व ई-कॉमर्स: MSME और Expo Bazaar के संयुक्त सत्र में Shiprocket International, केजरीवाल बी केयर और एक्सपो बाज़ार के विशेषज्ञों ने भाग लिया। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदेश का छोटा कारीगर भी सीधे विदेश में अपना सामान बेच सकता है।
- सस्टेनेबल वुडक्राफ्ट व लीगल सोर्सिंग: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) ने सहारनपुर और नगीना के काष्ठकला (Woodcraft) उद्योग के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की कानूनी जरूरतों, जिम्मेदार लकड़ी सोर्सिंग और सर्टिफिकेशन पर मार्गदर्शन दिया।
- ब्रांडिंग और माइक्रो-ब्रांड्स: IEML की CSR पहल ‘E-Nurture’ के तहत बुनकरों और छोटे कारीगरों को अपने उत्पाद का पेटेंट कराने और प्रभावी पैकेजिंग/ब्रांडिंग करने के गुर सिखाए गए।
- प्राचीन आयुष विज्ञान व वेलनेस: आयुष विभाग के सत्र में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ने भारतीय पारंपरिक चिकित्सा और वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री में यूपी की भूमिका पर विचार साझा किए।
सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी की मास्टर क्लास और ODOC का जादू
हॉल नंबर 16 में बने ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ (ODOC) पवेलियन में रविवार को मशहूर सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी की लाइव मास्टर क्लास का आयोजन किया गया।
- लाइव कुकिंग डेमो: शेफ सोखी ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पारंपरिक मसालों, स्वादों और व्यंजनों की बारीकियों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में दर्शक और शेफ प्रेमी उमड़ पड़े।
- खान-पान से ब्रांडिंग: उन्होंने कहा कि यूपी की पाक-कला (Culinary Heritage) में इतना स्वाद और विविधता है कि इसे सही पैकेजिंग और हाइजीन के साथ दुनिया के किसी भी कोने में कमर्शियल ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
🎸 पखावज जुगलबंदी, कथक और सर्वत्र बैंड की धमाकेदार सांस्कृतिक शाम
व्यापार और संवाद के लंबे सत्रों के बाद शाम को एक्सपो सेंटर का वातावरण उत्तर प्रदेश के लोक और शास्त्रीय संगीत से सराबोर हो उठा:
- शास्त्रीय प्रस्तुतियां: कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित रवि शंकर उपाध्याय और पंडित ऋषि शंकर उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत मनमोहक पखावज जुगलबंदी से हुआ।
- लोक संस्कृति का संगम: रायबरेली की शीलू सिंह राजपूत द्वारा वीर रस से भरपूर ‘आल्हा गायन’, झांसी की वंदना कुशवाहा का प्रसिद्ध ‘राई लोकनृत्य’, नोएडा की प्रियंवदा सिंह की ‘कथक’ प्रस्तुति और सहारनपुर की रंजना नेब के लोकनृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
- युवाओं की सहभागिता व सर्वत्र बैंड: दिन में विभिन्न स्कूलों (Grads International, Jaypee Public, DPS) के बच्चों ने साइबर सुरक्षा, रोड सेफ्टी, माइम और ‘बैटल ऑफ बैंड्स’ में भाग लिया। वहीं रात का समापन नोएडा के प्रसिद्ध ‘सर्वत्र बैंड’ की लाइव वेस्टर्न व फ्यूजन प्रस्तुति के साथ हुआ।
📊 UPITS 2026 – तीसरे दिन की प्रगति रिपोर्ट
|
प्रमुख मानक / गतिविधि |
तीसरे दिन का रिपोर्ट कार्ड (Day 3 Summary) |
|
तीसरे दिन का कुल फुटफॉल |
2,00,000+ (2 लाख से अधिक दर्शक व कारोबारी) |
|
कुल B2B बैठकें (Day 3) |
~6,700 आमने–सामने अंतर्राष्ट्रीय बैठकें |
|
व्यावसायिक समझौते (MoUs) |
1,150 से अधिक सफल सौदे |
|
कुल व्यापारिक मूल्य (Day 3) |
₹2,000 करोड़ (अनुमानित कारोबार) |
|
मुख्य अतिथि (नॉलेज सेशन) |
पीयूष गोयल (केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री) |
|
विशेष आकर्षण (ODOC) |
सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी की मास्टर क्लास |
|
सांस्कृतिक संध्या आकर्षण |
पखावज जुगलबंदी, आल्हा गायन व सर्वत्र बैंड |
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का तीसरा दिन यह साबित करने के लिए पर्याप्त था कि यूपी अब केवल एक उपभोक्ता राज्य नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का अहम हिस्सा बन चुका है। 29 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस महाकुंभ में अभी दो दिन का समय शेष है, जहाँ आने वाले दिनों में और बड़े अंतर्राष्ट्रीय निवेश व व्यापारिक समझौतों की उम्मीद जताई जा रही है।





