उत्तर प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं के लिए आज का दिन बेहद राहत भरा साबित होने वाला है। हाल ही में प्रदेश के कई जिलों में आई बाढ़, चक्रवातीय तूफानों और भारी अतिवृष्टि से जिनकी फसलें तबाह हो गई थीं, सरकार आज उनके जख्मों पर सीधा आर्थिक मरहम लगाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सोमवार को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से प्रदेश के 9 लाख 18 हजार से अधिक प्रभावित किसानों के बैंक खातों में कृषि निवेश अनुदान की पूरी राशि डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर करेंगे। इस महा-अभियान के तहत कुल 493 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इस सौगात के मिलने से उन किसानों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी जो सितंबर के आखिरी हफ्तों में हुई मूसलाधार बारिश और नदियों के जलभराव के कारण अपनी बर्बाद हुई धान और अन्य खरीफ फसलों को लेकर लगातार चिंतित थे।
सर्वे पूरा होने के बाद आज हो रहा है पारदर्शी तरीके से भुगतान
पिछले कुछ हफ्तों में प्रदेश के तराई, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों में चक्रवाती हवाओं के साथ हुई भारी बारिश ने खेतों में खड़ी तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। कई जगहों पर जलभराव के कारण किसानों की पूरी लागत डूब गई थी। प्राकृतिक आपदा के इस संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व और कृषि विभागों को युद्धस्तर पर सर्वे करने के सख्त निर्देश दिए थे।
जैसे-जैसे जिलों से फसल क्षति का जमीनी सर्वे पूरा होता गया, वैसे-वैसे पात्र किसानों की सूचियां तैयार की गईं। राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल आपदा से प्रभावित किसानों के लिए पहले ही 169 करोड़ रुपये की शुरुआती किस्त जिलों को भेजी जा चुकी थी, जिसके जरिए 1.29 लाख किसानों को 78.75 करोड़ रुपये का शुरुआती अनुदान मिल भी चुका था। लेकिन आज आयोजित हो रहे इस मुख्य कार्यक्रम में 493 करोड़ रुपये की बड़ी रकम एक साथ सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा रही है।
रबी सीजन की बुवाई से ठीक पहले अन्नदाताओं को मिली बड़ी वित्तीय ताकत
अक्टूबर का यह महीना उत्तर प्रदेश में खरीफ फसलों की कटाई और आने वाली रबी फसलों (जैसे गेहूं, चना, मटर, सरसों) की बुवाई का सबसे संवेदनशील समय होता है। जिन किसानों की फसलें बाढ़ या बारिश की भेंट चढ़ चुकी थीं, उनके सामने सबसे बड़ा संकट यह था कि वे खाद, बीज और खेत की जोताई के लिए पैसे कहां से लाएं।
आज सीधे बैंक खातों में आने वाले इन पैसों से किसानों को रबी सीजन की शुरुआत करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। उन्हें महाजनों या ऊंचे ब्याज पर कर्ज देने वालों के पास नहीं जाना पड़ेगा। सरकार के इस कदम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति संभलेगी, बल्कि वे समय पर अपने खेतों में अगली फसल की तैयारी भी पूरी मुस्तैदी के साथ शुरू कर सकेंगे।
प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि और मकान क्षति पर भी मिला संबल
प्राकृतिक आपदाओं ने केवल किसानों की फसलों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि कई परिवारों के आशियानों और मवेशियों को भी अपनी चपेट में लिया था। राज्य सरकार ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए फसल क्षति के साथ-साथ आपदा से प्रभावित अन्य परिवारों को भी समय पर सहायता पहुंचाई है। राहत आयुक्त कार्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार, विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि और मकानों के नुकसान से पीड़ित परिवारों को अब तक कुल 225.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश का हर एक पीड़ित नागरिक सरकार की प्राथमिकता है।
डीबीटी (DBT) के जरिए बिचौलियों का सिस्टम पूरी तरह फेल
इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सहायता राशि पूरी तरह डिजिटल माध्यम (DBT) से भेजी जा रही है। इसका मतलब यह है कि आज जब मुख्यमंत्री गोरखपुर से सिंगल क्लिक करेंगे, तो पैसा सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पहुंचेगा। बीच में किसी भी प्रकार के बिचौलिए या सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
गोरखपुर से शुरू हो रही यह पहल न केवल पूर्वी यूपी बल्कि पूरे प्रदेश के प्रभावित कृषि परिवारों को फिर से अपने पैरों पर खड़े होने का हौसला देगी और उन्हें कर्ज के दलदल में फंसने से पूरी तरह बचाएगी।





