नई दिल्ली। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़े वित्तीय रोडमैप की घोषणा की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘उद्यम वित्तपोषण और एसएचजी बैंक लिंकेज’ तथा ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ (PMAY-G) के तहत देशभर की लाखों स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्यों, लखपति दीदियों और ग्रामीण आवास लाभार्थियों के साथ वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद स्थापित किया। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण नारी शक्ति के स्वावलंबन की सराहना करते हुए घोषणा की कि आगामी 5 वर्षों के भीतर महिला स्वयं सहायता समूहों को 10 लाख करोड़ रुपये का संस्थागत बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
ग्रामीण भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास मॉडल पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब गांवों में महिलाओं के लिए लाचारी और आर्थिक तंगी का दौर हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है। देश की ग्रामीण महिलाएं अब न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने-अपने परिवारों की आर्थिक रीढ़ बनकर बच्चों को उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य दे रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि देश में अब तक 3 करोड़ से ज्यादा लखपति दीदियां तैयार की जा चुकी हैं और सरकार का आगामी लक्ष्य इस आंकड़े को 6 करोड़ लखपति दीदियों तक पहुंचाना है।

5 वर्षों में 10 लाख करोड़ का संस्थागत ऋण, 1 लाख करोड़ व्यक्तिगत उद्यम के लिए
महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से पूरी तरह सक्षम बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बैंकिंग तंत्र के माध्यम से विशाल बजट योजना तैयार की है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्ज मिलने में आने वाली सभी दिक्कतों को खत्म करने और आसान शर्तों पर ऋण मुहैया कराने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं:
- 10 लाख करोड़ का बैंक लिंकेज: अगले 5 साल के कार्यकाल में देशभर के स्वयं सहायता समूहों को कुल 10 लाख करोड़ रुपये का संस्थागत लोन प्रदान किया जाएगा।
- व्यक्तिगत कारोबार के लिए 1 लाख करोड़: इस विशाल ऋण राशि में से 1 लाख करोड़ रुपये की राशि विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई है जो व्यक्तिगत स्तर पर अपना नया उद्योग या स्वरोजगार शुरू करना चाहती हैं।
- ग्लोबल ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट पर फोकस: लखपति दीदियों को अब ‘मिलियनेयर’ (दस लाखपति) और ‘करोड़पति दीदी’ के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों की आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट की व्यवस्था की जाएगी।
बैंकिंग बाधाएं होंगी पूरी तरह खत्म, समाधान के लिए जारी होगी विशेष हेल्पलाइन
स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज की जमीनी समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) और देश के प्रमुख सरकारी व निजी बैंकों के प्रमुखों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के फैसलों की जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों को ऋण स्वीकृत करने में बेवजह की देरी, अतिरिक्त कागजी औपचारिकताओं और गैर-जरूरी गारंटी/कोलैटरल की मांग को तुरंत बंद करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
1. 31 अक्टूबर तक ‘जन समर्थ पोर्टल’ से अनिवार्य ऑनबोर्डिंग
ऋण आवेदनों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। देश के सभी बैंकों को 31 अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से ‘जन समर्थ पोर्टल’ के साथ एकीकृत (Onboard) होना पड़ेगा, जिससे दीदियों के ऋण आवेदन की स्थिति की डिजिटल ट्रैकिंग की जा सके।
2. समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित हेल्पलाइन नंबर
बैंक स्तर पर महिला स्वयं सहायता समूहों को आने वाली किसी भी तरह की परेशानी या शिकायत के तुरंत निस्तारण के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय जल्द ही एक विशेष हेल्पलाइन नंबर चालू करेगा। इस हेल्पलाइन के जरिए महिलाओं की समस्याओं का समन्वय बनाकर तुरंत निपटारा किया जाएगा।
पक्के मकान और बुनियादी सुविधाओं से बदल रही ग्रामीण परिवारों की तकदीर
राष्ट्रव्यापी वर्चुअल संवाद में देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी सफलता की प्रेरणादायक कहानियां साझा कीं। असम के कामरूप जिले की तूलिका दीदी ने बताया कि कैसे उन्होंने मशरूम उत्पादन और बेकरी उद्योग के जरिए सालाना 12 से 14 लाख रुपये की आय अर्जित की है और अपने समूह के माध्यम से 200 से अधिक स्थानीय महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है।
इसके अलावा बिहार के जहानाबाद से अनु देवी, मध्य प्रदेश के सीहोर से बबीता दीदी और त्रिपुरा के अनिमेष सिंह जैसे लाभार्थियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) के तहत पक्का मकान मिलने से उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा का नया अध्याय शुरू हुआ है। पक्के घर के साथ-साथ उज्ज्वला योजना का मुफ्त गैस कनेक्शन, हर घर नल से जल, शौचालय और आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा ने ग्रामीण परिवारों के रहन-सहन को पूरी तरह से बदल दिया है।
17 सितंबर को देशभर में प्रज्ज्वलित होगा ‘एक दीया आशीर्वाद का’
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनकी 25 वर्षों की निरंतर सार्वजनिक सेवा (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) के ऐतिहासिक अवसर पर एक देशव्यापी सामाजिक अभियान का आह्वान किया।
- एक दीया आशीर्वाद का अभियान: केंद्रीय मंत्री ने देश के सभी नागरिकों, किसान भाइयों और विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों की बहनों से भावुक अपील की कि वे 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने-अपने घरों पर ‘एक दीया आशीर्वाद का’ जरूर जलाएं। यह दीपक देश की प्रगति, विकास और प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ व दीर्घायु जीवन के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
- तेलंगाना के सुदूर गांव में शामिल होंगे केंद्रीय मंत्री: शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि वे खुद 17 सितंबर को तेलंगाना के एक दूरदराज ग्रामीण इलाके में मौजूद रहेंगे। वहां वे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, पीएम आवास योजना और किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के साथ मिलकर शाम 7 बजे दीप प्रज्ज्वलित करेंगे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा उठाए गए इन कदमों से यह साफ हो गया है कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होने जा रही है। 10 लाख करोड़ रुपये का आसान संस्थागत ऋण, जन समर्थ पोर्टल की डिजिटल निगरानी और त्वरित समाधान हेल्पलाइन से न केवल गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि ‘लखपति दीदी‘ से ‘करोड़पति दीदी‘ बनने का विज़न भी धरातल पर साकार होगा।




