नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही कृषि में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों में फ्लेक्स इंजन के उपयोग को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम करेगी। इस कदम से किसानों को न सिर्फ ईंधन की लागत में भारी बचत होगी, बल्कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी बचेगा।
श्री गडकरी ने यह बात नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के सातवें ऑटो रिटेल कॉन्क्लेव 2025 को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य डीज़ल और पेट्रोल पर निर्भरता को कम करना है, जिसके लिए जैव ईंधन और वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि मंत्रालय जल्द ही कृषि उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा। इस बैठक में इन कंपनियों को अपने ट्रैक्टर्स, हार्वेस्टर्स और अन्य कृषि मशीनों में फ्लेक्स इंजन तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। फ्लेक्स इंजन ऐसे इंजन होते हैं जो एक से अधिक प्रकार के ईंधन, जैसे पेट्रोल के साथ-साथ इथेनॉल या बायोफ्यूल के मिश्रण से भी चल सकते हैं।
मंत्री ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) इथेनॉल को एक उन्नत जैव ईंधन, आइसोब्यूटेनॉल में बदलने के लिए एक बड़ा शोध कर रहा है। यह आइसोब्यूटेनॉल एक ऐसा शक्तिशाली ईंधन है, जिसे सीधे डीजल में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह तकनीक किसानों के लिए एक सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करेगी।
सरकार की यह पहल देश के लाखों किसानों के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। यह न केवल ईंधन की लागत को कम करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और नई तकनीक को अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी। इस कदम को भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है।





