नई दिल्ली: केंद्रीय वस्त्र एवं किसान कल्याण मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने कपास किसानों के लिए एक बड़ी डिजिटल पहल की शुरुआत की है। भारतीय कपास निगम (CCI) द्वारा विकसित एक नए मोबाइल एप्लिकेशन ‘कपास किसान ऐप‘ को लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कपास खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुगम बना देगा। इस ऐप का मुख्य लक्ष्य किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य दिलाना है।
ऐप की प्रमुख विशेषताएं और किसानों को लाभ
यह ‘किसान-प्रथम’ ऐप कई ऐसी सुविधाओं से लैस है, जो किसानों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करेंगी। मंत्री ने कहा कि यह ऐप सुनिश्चित करता है कि अब किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए न तो लंबी कतारों में लगना पड़ेगा और न ही कागजी कार्यवाही के लिए परेशान होना पड़ेगा।
- सरल पंजीकरण और स्लॉट बुकिंग: किसान अब घर बैठे खुद को ऐप पर पंजीकृत कर सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार खरीद केंद्रों पर जाने के लिए समय स्लॉट बुक कर सकते हैं। इससे खरीद केंद्रों पर भीड़ कम होगी और समय की बचत होगी।
- भुगतान की जानकारी: ऐप किसानों को उनकी फसल की बिक्री के बाद भुगतान की स्थिति की तुरंत जानकारी देगा। इससे भुगतान में होने वाली देरी या पारदर्शिता की कमी की शिकायतें खत्म होंगी।
- वास्तविक समय अपडेट: किसान अपनी कपास की गुणवत्ता की जांच, स्वीकृत मात्रा और पूरी भुगतान प्रक्रिया के बारे में वास्तविक समय (रियल टाइम) में अपडेट प्राप्त कर सकेंगे।
- सुविधाजनक भाषा: यह ऐप कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा, जिससे देश के हर हिस्से के किसान इसे आसानी से उपयोग कर पाएंगे।
MSP पर मिलेगा पूरा अधिकार, रुकेगी संकट में बिक्री
श्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि यह डिजिटल ऐप ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को गति देगा और किसानों को किसी भी संकट में अपनी फसल कम कीमत पर बेचने से बचाएगा। उन्होंने कहा कि अक्सर किसान जल्दी में या जानकारी के अभाव में अपनी उपज व्यापारियों को एमएसपी से कम दाम पर बेच देते हैं। यह ऐप सुनिश्चित करेगा कि हर किसान को उसकी फसल का सही मूल्य मिले।
यह पहल न केवल खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करेगी, बल्कि पूरे कपास उद्योग में एक नई क्रांति लाएगी। मंत्री ने कहा कि यह सरकार की किसानों के हित में काम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि हमारे किसान भाई-बहन खुशहाल और समृद्ध बन सकें।





