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यूपी में लंपी वायरस का कहर: 7 जिलों में ‘पशु लॉकडाउन’ घोषित, जानवरों के मेले और आवाजाही पर रोक

अंकित शर्मा by अंकित शर्मा
September 20, 2025
in पशुपालन
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों लंपी वायरस का प्रकोप तेजी से फैल रहा है, जिससे पशुपालकों के बीच चिंता का माहौल है। मवेशियों में इस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए पशुधन विभाग ने एहतियाती कदम उठाए हैं। चंदौली सहित 7 जिलों में ‘पशु लॉकडाउन’ की घोषणा की गई है, जहाँ मवेशियों के आवागमन और मेलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

इन जिलों में लागू है ‘पशु लॉकडाउन’

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि लंपी से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में पशु लॉकडाउन लागू किया गया है। इन जिलों में चंदौली, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज शामिल हैं। पड़ोसी राज्य बिहार से आए इस रोग का असर खासतौर पर बिहार और नेपाल की सीमा से लगे जिलों में देखा जा रहा है। इन जिलों में अब कोई भी पशु एक जिले से दूसरे जिले में न तो लाया जा सकेगा और न ही ले जाया जा सकेगा, और न ही यहाँ किसी तरह का पशु मेला आयोजित होगा।

सरकार की त्वरित कार्रवाई और हेल्पलाइन

मंत्री ने जानकारी दी कि गोरखपुर, बस्ती, मऊ और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में भी विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। बीमारी की रोकथाम के लिए अधिकारियों की एक टीम भी तैनात की गई है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए पशुपालक टोल-फ्री नंबर 18001805141 पर संपर्क कर सकते हैं।

युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान

लंपी वायरस को फैलने से रोकने के लिए युद्ध स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि टीके की कोई कमी नहीं है; प्रदेश में 61.20 लाख गोट पॉक्स वैक्सीन उपलब्ध हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के निर्देश पर आईवीआरआई द्वारा विकसित की गई नई लंपी प्रोवैक वैक्सीन की 60 हजार खुराकें हवाई मार्ग से बेंगलुरु से मंगवाई गई हैं।

अब तक, कुल 9,353 गोवंश इस बीमारी से प्रभावित पाए गए हैं। इनमें से 6,769 पशु उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि 2,584 का इलाज अभी जारी है। यह बीमारी मनुष्यों को प्रभावित नहीं करती है, लेकिन यह संक्रमित पशुओं के संपर्क, मक्खियों और मच्छरों से तेजी से फैलती है, इसलिए सतर्कता बेहद ज़रूरी है।

Tags: dairy farmingLumpy diseaseUttar Pradeshपशुपालन
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