Sunday, November 30, 2025
खबर किसान की
  • होम
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • सरकारी योजनाएं
  • सेहत
  • विज्ञान और तकनीक
  • वीडियो
  • सक्सेस स्टो‍री
  • लेटेस्ट न्यूज
No Result
View All Result
  • होम
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • सरकारी योजनाएं
  • सेहत
  • विज्ञान और तकनीक
  • वीडियो
  • सक्सेस स्टो‍री
  • लेटेस्ट न्यूज
No Result
View All Result
खबर किसान की
No Result
View All Result
Home पशुपालन

पशुपालकों के लिए बड़ी खबर: सरकार दे रही है 5 लाख तक का इनाम!

राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए नामांकन शुरू

अंकित शर्मा by अंकित शर्मा
August 29, 2025
in डेयरी, पशुपालन
Reading Time: 1 min
0 0
0
0
SHARES
106
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterwhatsappQR CodeWechatTelegram

केंद्र सरकार ने देश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने ‘राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार’ के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पुरस्कार उन सभी व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करता है जो स्वदेशी गौवंश और भैंस नस्लों के संरक्षण और वैज्ञानिक विकास में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। इस पुरस्कार के लिए योग्य पशुपालक 15 सितंबर तक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल awards.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

पुरस्कार का महत्व और राष्ट्रीय गोकुल मिशन

यह पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन का हिस्सा है। दरअसल, साल 2014 में शुरू किए गए ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ (RGM) का उद्देश्य देश की स्वदेशी नस्लों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित और विकसित करना है। इन नस्लों की अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है और ये भारतीय जलवायु के अनुकूल होती हैं। ‘राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार’ इसी मिशन के तहत दूध उत्पादकों, डेयरी समितियों और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों के प्रयासों को मान्यता देता है, जो इस दिशा में ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। पुरस्कारों की घोषणा राष्ट्रीय दुग्ध दिवस यानी 26 नवंबर को की जाएगी।

इन श्रेणियों में मिलेगा सम्मान

यह सम्मान तीन प्रमुख श्रेणियों में दिया जाएगा, जो डेयरी और पशुपालन क्षेत्र के अलग-अलग पहलुओं को कवर करती हैं:

  • सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान: इस श्रेणी में ऐसे पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपनी स्वदेशी नस्लों, खासकर साहीवाल, गिर, थारपारकर और मुर्रा भैंसों का वैज्ञानिक तरीके से पालन करके दूध उत्पादन में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
  • सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (DCS), दुग्ध उत्पादक कंपनी (MPC) या डेयरी किसान उत्पादक संगठन (FPO): इस पुरस्कार के माध्यम से उन संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाता है, जो किसानों को एक साथ लाकर दूध उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन (मार्केटिंग) में उत्कृष्ट काम करते हैं।
  • सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (AIT): पशुधन के आनुवंशिक सुधार (genetic improvement) में कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। यह सम्मान उनके समर्पण और कौशल को मान्यता देता है।

क्या मिलेगा पुरस्कार में?

पुरस्कार विजेताओं को उनके प्रयासों के लिए न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि उन्हें आकर्षक नकद राशि भी प्रदान की जाएगी:

  • प्रथम स्थान के विजेता को ₹5 लाख
  • दूसरे स्थान के विजेता को ₹3 लाख
  • तीसरे स्थान के विजेता को ₹2 लाख

इन नकद पुरस्कारों के साथ-साथ, विजेताओं को योग्यता प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिह्न भी दिया जाएगा, जबकि सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन श्रेणी में तीनों विजेताओं को प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा।

यदि आप या आपके जानने वाले इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं, तो उन्हें प्रोत्साहित करें कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन ज़रूर करें। यह उनकी मेहनत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक सुनहरा मौका है।

Tags: Awardsdairy farmingGoapl Ratna Awardsrashtriya gokul mission
Previous Post

मौसम का मिजाज बदला: देशभर के कई राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी

Next Post

कृषि मंत्री शिवराज सिंह का बेंगलुरु दौरा: किसानों के लिए ‘एकीकृत खेती’ और ‘जैविक नियंत्रण’ पर जोर

अंकित शर्मा

अंकित शर्मा

Related Posts

पशुपालन

GauRun Jaipur 2025 में देसी गायों को बचाने के लिए दौड़िए- ₹51,000 तक जीतने का मौका

November 13, 2025
पशुपालन

भारत के पोल्ट्री उद्योग में आया उछाल! निर्यात दोगुना बढ़कर $149 मिलियन, UAE बना सबसे बड़ा ख़रीदार

November 8, 2025
पशुपालन

पुष्कर मेले के 21 करोड़ के भैंसे ‘अनमोल’ की मौत की खबर झूठी!

November 3, 2025
पशुपालन

लंपी वायरस से गायों को कैसे बचाएं? गौपालकों के लिए देसी नुस्खे और बचाव के आसान उपाय

September 22, 2025
Next Post

कृषि मंत्री शिवराज सिंह का बेंगलुरु दौरा: किसानों के लिए 'एकीकृत खेती' और 'जैविक नियंत्रण' पर जोर

खबर किसान की

© 2025 khabarkisanki.com

Navigate Site

  • About
  • Team
  • Privacy & Policy
  • Contact
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • वीडियो
  • सरकारी योजनाएं

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • खाद-बीज
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • लेटेस्ट न्यूज
  • विज्ञान और तकनीक
  • वीडियो
  • सक्सेस स्टो‍री
  • सरकारी योजनाएं
  • सेहत

© 2025 khabarkisanki.com

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist