नीचे बना रहेगा। जहाँ उत्तरी हिस्सों में बर्फीली हवाएँ चल रही हैं, वहीं दक्षिण भारत में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। किसानों को दोनों ही मोर्चों पर अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष तैयारी करने की सलाह दी गई है।
उत्तर-मध्य भारत: समय से पहले ठंड की लहर
पहाड़ों पर संभावित बर्फबारी और उत्तर से आ रही ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में समय से पहले ठंड बढ़ा दी है।
- रिकॉर्ड गिरावट: पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4°C से 7°C तक नीचे चला गया है।
- 10°C के नीचे पारा: राजस्थान, मध्य प्रदेश, दक्षिणी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में रात का तापमान तेज़ी से गिरा है। सीकर (राजस्थान) में न्यूनतम तापमान 7°C दर्ज किया गया है।
- आगे का अनुमान: अगले 6-7 दिनों तक न्यूनतम तापमान सामान्य से 2°C से 5°C नीचे रहने की संभावना है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी अगले दो दिन में तापमान में लगभग 2°C की गिरावट हो सकती है।
- पहाड़ों की स्थिति: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे मैदानों में ठंडी हवाओं का प्रकोप और बढ़ेगा।
दिल्ली का हाल
दिल्ली में सर्दी ने दस्तक दे दी है। IMD के अनुसार, 11 नवंबर तक आसमान साफ़ रहेगा, लेकिन सुबह हल्का कोहरा/धुंध छा सकती है। न्यूनतम तापमान 9°C से 11°C के बीच रहने का अनुमान है, जिससे रातें काफ़ी ठंडी रहेंगी।
किसानों के लिए विशेष चेतावनी
ठंड बढ़ने से रबी फसलों को नुकसान न हो, इसके लिए किसान तुरंत ये उपाय अपनाएँ:
- ठंड से बचाव: राजस्थान और मध्य प्रदेश के किसान जहां शीतलहर का प्रभाव है, वहाँ हल्की सिंचाई करें। खेत में नमी होने से तापमान का असर कम होता है।
- मल्चिंग (Mulching): फसलों को पाले और ठंड से बचाने के लिए मल्चिंग (पराली या प्लास्टिक से ढकना) का प्रयोग करें।
- यूपी, हरियाणा, पंजाब: आने वाले दिनों में इन राज्यों में भी ठंड बढ़ेगी, किसान अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दें।
दक्षिण भारत: बारिश और गरज-चमक का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के कारण दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियाँ तेज़ होंगी।
- भारी बारिश की आशंका: तमिलनाडु में 12 और 13 नवंबर को कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
- अन्य क्षेत्र: केरल, माहे और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भी बिखरी हुई बारिश हो सकती है।
- दक्षिण के किसान ध्यान दें: तमिलनाडु के किसानों को सलाह दी गई है कि वे पकी हुई फसल ही काटें और खेत में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखें।





