राजधानी दिल्ली और NCR में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुँच जाने के कारण, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण (GRAP-3) को लागू कर दिया है। जहाँ एक तरफ़ ज़हरीली हवा लोगों के स्वास्थ्य को बिगाड़ रही है, वहीं इस सख़्त प्रतिबंध से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ व्यवसायों पर सीधा असर पड़ा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का AQI 413 (गंभीर) दर्ज किया गया है, जिसके कारण ये प्रतिबंध लागू हुए हैं।
GRAP-3 से किसानों और ग्रामीण व्यवसाय पर सीधा असर
GRAP-3 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का सीधा असर कंस्ट्रक्शन, परिवहन और कुछ ग्रामीण उद्योगों पर पड़ेगा:
- निर्माण और विध्वंस पर प्रतिबंध:
- किसानों के लिए आवश्यक माने जाने वाले गोदामों, शेडों या फ़ार्महाउसों के निर्माण कार्य पर भी रोक लग गई है।
- निर्माण सामग्री (ईंट, सीमेंट, रेत, बजरी) के परिवहन और सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।
- ईंट भट्ठे और हॉट मिक्स प्लांट बंद:
- ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होने वाले ईंट भट्ठे और हॉट मिक्स प्लांट पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। इससे इन उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों की रोज़ी-रोटी पर असर पड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान समुदाय के लोग शामिल हैं।
- केवल स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले भट्ठों को ही छूट मिलेगी।
- वाहनों पर प्रतिबंध (परिवहन पर असर):
- BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल के चार पहिया वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले पुराने मॉडल के मालवाहक वाहनों (जो कृषि उत्पादों को बाज़ार तक ले जाते हैं) की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है, जिससे कृषि उपज की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है।
किसानों को क्या एहतियात बरतने चाहिए?
हालांकि CAQM ने खेतों में पराली जलाने पर पहले ही प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन किसानों को अब इन चुनौतियों के बीच विशेष सावधानी बरतनी होगी:
- स्वास्थ्य सुरक्षा: सुबह और देर शाम के समय खेतों में काम करने से बचें, जब प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक होता है। खेत में काम करते समय उच्च गुणवत्ता वाले मास्क का उपयोग करें।
- परिवहन योजना: अपनी उपज को बाज़ार तक ले जाने के लिए प्रतिबंधित वाहनों का प्रयोग न करें और परिवहन के लिए वैध वाहनों की पहले से योजना बना लें।





