उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने साल 2026 के आगमन से ठीक पहले राज्य के लघु और सीमांत किसानों के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत मिलने वाले कृषि ऋणों (Agriculture Loans) की ब्याज दरों में भारी कटौती का ऐतिहासिक फैसला लिया है। 21 दिसंबर 2025 को लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब किसानों को खेती और पशुपालन से जुड़े कार्यों के लिए 11-11.5% के बजाय महज 6% सालाना ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित होगा।
ब्याज दरों में कटौती: क्या है नया गणित?
अब तक मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को अलग-अलग कार्यों के लिए 11% से लेकर 11.5% तक ब्याज देना पड़ता था। सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से दिए जाने वाले इन ऋणों की अवधि 3 साल से लेकर 15 साल तक होती है। मुख्यमंत्री के नए ऐलान के बाद अब ब्याज दरों को घटाकर सीधे 6% कर दिया गया है।
विशेष बात यह है कि महिला किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने उन्हें ब्याज दर में 1% की अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान किया है। यानी महिला किसान केवल 5% ब्याज पर भी लोन प्राप्त कर सकती हैं। यह कटौती विशेष रूप से डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में निवेश करने वाले किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
किन-किन क्षेत्रों के लिए मिलेगा यह सस्ता लोन?
सरकार ने इस योजना का दायरा काफी व्यापक रखा है। किसान निम्नलिखित कार्यों के लिए सहकारी बैंक से संपर्क कर सकते हैं:
- डेयरी और पशुपालन: गाय-भैंस पालन, डेयरी यूनिट लगाने या पशुओं के शेड निर्माण के लिए।
- लघु सिंचाई: ट्यूबवेल, पंपसेट या ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए।
- कृषि यंत्रीकरण: ट्रैक्टर, कल्टीवेटर या मधुमक्खी पालन जैसे सहायक व्यवसायों के लिए।
- मत्स्य और पोल्ट्री पालन: मछली पालन के तालाब खोदने या मुर्गी पालन फार्म खोलने के लिए।
- ग्रामीण आवास और बागवानी: खेत पर घर बनाने या फलों के बगीचे (हॉर्टीकल्चर) विकसित करने के लिए।
आवेदन की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की नजदीकी शाखा में जाना होगा। आवेदन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया गया है:
- प्रथम चरण (पंजीकरण): सबसे पहले बैंक शाखा से 200 रुपये का आवेदन फॉर्म खरीदना होगा। इसमें अपनी फोटो और मांगी गई जानकारियां भरें। फॉर्म के साथ आपको 3 रुपये सदस्यता शुल्क और 100 रुपये एडवांस अंशदान के रूप में जमा करने होंगे।
- द्वितीय चरण (सत्यापन): बैंक अधिकारी आपके फॉर्म और प्रोजेक्ट (जैसे डेयरी या ट्यूबवेल) का मौका-मुआयना करेंगे। जांच में सब सही पाए जाने पर बैंक द्वारा स्वीकृति पत्र (LSO) जारी किया जाएगा।
- तृतीय चरण (अंशदान): लोन स्वीकृत होने पर लघु व सीमांत किसानों को कुल लोन राशि का 5% और अन्य किसानों को 6% अंशधन (Share Money) बैंक में जमा करना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 1 लाख का लोन लेते हैं, तो आपको 5000 रुपये जमा करने होंगे।
- प्रशासनिक शुल्क: लघु किसानों के लिए यह शुल्क लोन राशि का 0.5% (अधिकतम 1000 रुपये) और अन्य किसानों के लिए 1% (अधिकतम 2000 रुपये) तय किया गया है।
जरूरी दस्तावेजों की सूची
आवेदन करते समय किसानों को निम्नलिखित कागजात अपने साथ रखने होंगे:
- आधार कार्ड और राशन कार्ड की फोटोकॉपी।
- ताजा खसरा-खतौनी या किसान बही (वर्तमान फसल वर्ष की)।
- दो पासपोर्ट साइज फोटो।
- केवाईसी फॉर्म (बैंक से प्राप्त करें)।
- दो गवाहों के हस्ताक्षर और उनके पहचान पत्र।
नोट: यदि आपके पास खेती की जमीन कम है, तो आप अपने किसी भवन या दुकान की गारंटी पर भी लोन प्राप्त कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय राज्य के उन करोड़ों किसानों के लिए संजीवनी है जो पूंजी के अभाव में आधुनिक खेती या डेयरी उद्योग नहीं अपना पा रहे थे। ब्याज दरों में लगभग 50% की कमी होने से अब किसान अधिक निवेश कर सकेंगे और अपनी आय को दोगुना करने के लक्ष्य की ओर बढ़ सकेंगे। सरकार ने ‘फार्मर आईडी’ और डिजिटल रजिस्ट्री को भी अनिवार्य किया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और लाभ सीधे असली किसानों तक पहुँचेगा। अगर आप भी यूपी के किसान हैं, तो यह अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का सबसे सही समय है।





