उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त कार्यालय ने पेराई सत्र 2024-25 को लेकर गन्ना किसानों से एक ज़रूरी और समयबद्ध अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस सीज़न में गन्ना सप्लाई की पर्चियाँ सीधे किसानों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS पर्ची के रूप में भेजी जा रही हैं।
इस नई व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों तक समय पर सूचना पहुँचाने के लिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी गन्ना किसान तुरंत स्मार्ट गन्ना किसान (SGK) पोर्टल पर दर्ज अपने मोबाइल नंबर की जाँच कर लें। यदि नंबर गलत है या पुराना है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएँ।
आपकी गन्ना पर्ची क्यों नहीं मिल रही? (5 मुख्य कारण)
गन्ना आयुक्त कार्यालय को यह जानकारी मिली है कि कई किसानों तक SMS पर्ची नहीं पहुँच पा रही है। पर्ची निरस्त होने के पीछे ये 5 प्रमुख कारण हैं:
- नेटवर्क/फ़ोन बंद: मोबाइल नेटवर्क का न होना या फ़ोन का स्विच ऑफ रहना।
- DND सेवा: मोबाइल में DND (डू नॉट डिस्टर्ब) सेवा का सक्रिय होना, जिससे प्रमोशनल SMS ब्लॉक हो जाते हैं।
- इनबॉक्स भरा: SMS इनबॉक्स का भरा होना।
- रिचार्ज/कॉल बार्ड: मोबाइल का रिचार्ज खत्म होना या कॉल बार्ड (Call Barred) विकल्प चुना होना।
चेतावनी: विभाग ने साफ़ किया है कि सर्वर से भेजा गया गन्ना पर्ची का SMS संदेश, अगर डिलीवर नहीं होता है, तो केवल दो घंटे बाद अपने आप निरस्त (Cancel) हो जाता है। इससे किसान को पर्ची की जानकारी नहीं मिलती और वह अपनी सप्लाई से वंचित रह जाता है।
किसानों के लिए 5 ज़रूरी निर्देश (नुकसान से बचें)
SMS पर्ची प्रणाली का पूरा लाभ लेने के लिए गन्ना आयुक्त ने किसानों को निम्न एहतियात बरतने की सलाह दी है:
- फ़ोन हमेशा ऑन: अपना मोबाइल फ़ोन हमेशा चार्ज रखें और चालू स्थिति में रखें।
- DND बंद करें: सुनिश्चित करें कि DND सेवा निष्क्रिय हो।
- इनबॉक्स साफ़: SMS इनबॉक्स को समय-समय पर खाली करते रहें।
- नेटवर्क क्षेत्र: पर्ची जारी होने के समय मोबाइल नेटवर्क वाले क्षेत्र में रहें।
- रिचार्ज अनिवार्य: मोबाइल को हमेशा सक्रिय रिचार्ज के साथ रखें।
किसानों को लाभ
यह SMS प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी है। SMS से पर्ची मिलने पर किसान को तत्काल सूचना मिल जाती है, जिससे वह:
- समय पर गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकेगा।
- खेत में गन्ना कटने के बाद सूखने से होने वाले नुकसान से बच सकेगा और ताज़ा गन्ना मिल को दे पाएगा।
आयुक्त ने सभी जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाएँ ताकि कोई भी किसान असुविधा का सामना न करे और सभी का सही मोबाइल नंबर SGK पोर्टल पर अपडेट हो सके।





