उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध परंपराओं, लोक कलाओं और ऐतिहासिक गौरव के लिए विश्वभर में जाना जाता है। इसी गौरव को एक बार फिर वैश्विक पटल पर रखने के लिए योगी सरकार ‘यूपी दिवस’ (24 जनवरी) को भव्य रूप में मनाने जा रही है। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित ‘दिल्ली हाट’ होगा, जहाँ उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एक विशाल सांस्कृतिक संध्या का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि यूपी की बदलती छवि और उसकी ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रदर्शन होगा।
दिग्गजों और राजनयिकों का होगा संगम
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। आयोजन में 18 से 20 देशों के राजनयिकों (Diplomats), भारत सरकार के उच्चाधिकारियों और बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों को आमंत्रित किया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली के केंद्र से पूरी दुनिया को उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक गहराई और निवेश की संभावनाओं का संदेश देना है।
यूपी की थीम पर सजेगा ‘दिल्ली हाट’
24 जनवरी की शाम दिल्ली हाट पूरी तरह ‘यूपी मय’ नजर आएगा।
- लोक कलाओं का जादू: कार्यक्रम में बुंदेलखंड के राई नृत्य, ब्रज की लठमार होली की झलक, अवध के कथक और पूर्वांचल के लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां होंगी।
- हस्तशिल्प और व्यंजन: उत्तर प्रदेश के ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। साथ ही, बनारसी चाट, लखनऊ के कबाब और आगरा के पेठे जैसे प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल मेहमानों का स्वागत करेंगे।
प्रवासी भारतीयों का सम्मान और जुड़ाव
उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आज दुनिया के हर कोने में ऊंचे पदों पर आसीन हैं। राज्य सरकार ने तय किया है कि देश के विभिन्न राज्यों में रहकर उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले विशिष्टजनों को इस मंच पर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल अपनी जड़ों से दूर रह रहे लोगों को फिर से प्रदेश के विकास से जोड़ने का एक प्रभावी जरिया बनेगी।
ग्लोबल यूपी: फिजी से सूरीनाम तक मनेगा जश्न
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार, यूपी दिवस अब केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार ने उन देशों से संपर्क साधा है जहाँ उत्तर प्रदेश के प्रवासियों की बड़ी आबादी रहती है।
- 12 देशों में आयोजन: फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम और सेशेल्स जैसे लगभग 12 देशों में भारतीय राजनयिकों को पत्र लिखकर वहां ‘यूपी दिवस’ आयोजित करने का आग्रह किया गया है।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: इस कदम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपी की कला और संस्कृति का आदान-प्रदान मजबूत होगा और विदेशों में रहने वाली नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सकेगी।
यूपी दिवस का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को संजोते हुए आधुनिकता की ओर कदम बढ़ा रहा है। दिल्ली हाट में होने वाली यह सांस्कृतिक संध्या न केवल प्रवासियों को गौरवान्वित करेगी, बल्कि विदेशी मेहमानों को भी ‘उत्तम प्रदेश‘ के दर्शन कराएगी।





