29 दिसंबर 2025 का दिन उत्तराखंड के कृषि इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। चमोली जिले के गौचर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘किसान सम्मेलन’ में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शिरकत की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में मेहनत करने वाले किसानों के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप केंद्र सरकार उत्तराखंड के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
क्लीन प्लांट प्रोग्राम: ₹100 करोड़ से सुधरेगी फलों की नस्ल
सम्मेलन की सबसे बड़ी घोषणा ₹100 करोड़ की लागत से शुरू होने वाला ‘क्लीन प्लांट प्रोग्राम’ रहा। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अक्सर नर्सरी से खरीदे गए पौधों में बीमारियों के कारण किसानों की पूरी बागवानी नष्ट हो जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए मुक्तेश्वर स्थित ICAR-CITH में ‘क्लीन प्लांट सेंटर’ स्थापित किया जाएगा। यहाँ से सेब, कीवी, माल्टा और नींबू वर्गीय फलों के लाखों ऐसे पौधे तैयार किए जाएंगे जो पूरी तरह रोगमुक्त होंगे।
इसके साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड को कीवी उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए न्यूजीलैंड के साथ मिलकर ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Center of Excellence) बनाने की घोषणा की। इससे उत्तराखंड भविष्य में फल उत्पादन के मामले में देश की ‘बागवानी राजधानी’ के रूप में उभरेगा।

5 साल का कृषि रोडमैप और एकीकृत खेती (Integrated Farming)
केंद्रीय मंत्री ने राज्य की कृषि व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए एक विशेषज्ञ टीम के गठन की जानकारी दी। यह टीम वैज्ञानिकों, प्रगतिशील किसानों और अधिकारियों के साथ मिलकर अगले 5 वर्षों का कृषि रोडमैप तैयार करेगी। पहाड़ों में खेतों का आकार छोटा होने की चुनौती पर चर्चा करते हुए उन्होंने ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग’ (एकीकृत खेती) का मॉडल अपनाने पर जोर दिया। इस मॉडल के तहत एक ही खेत में फसल, सब्जी, पशुपालन, मछली पालन और औषधीय जड़ी-बूटियों का उत्पादन किया जाएगा, जिससे कम भूमि में भी किसानों को अधिक मुनाफा हो सके।
मनरेगा का विकल्प: ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना
ग्रामीण विकास के मोर्चे पर शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत– जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा में ठेकेदारों और मशीनों के बढ़ते हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह नई योजना शुरू की है।
- बजट में भारी वृद्धि: इस योजना का बजट ₹88,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,51,282 करोड़ कर दिया गया है।
- मजदूरों का सम्मान: इसमें 100 से 125 दिन के रोजगार की गारंटी के साथ-साथ बेरोजगार भत्ते और लंबित मजदूरी पर ब्याज का प्रावधान भी शामिल है।
- पारदर्शिता: अब विकास कार्यों का निर्णय ग्राम सभाएं लेंगी और इसे पीएम गति शक्ति से जोड़ा जाएगा ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो सके।
इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला सशक्तिकरण
सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड को ग्रामीण सड़कों के लिए ₹1700 करोड़ की बड़ी सौगात मिली। चौहान ने मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पहाड़ों के दुर्गम गाँवों तक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने ‘लखपति दीदी’ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस साल उत्तराखंड की 43 हजार बहनें ‘लखपति’ बन चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से राज्य की ‘मातृशक्ति’ की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए केंद्र सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

प्रशासनिक सुधार: ‘किसान दिवस’ और UCC
शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड की एक और अनूठी पहल की सराहना की, जिसके तहत हर ब्लॉक में हर महीने ‘किसान दिवस’ मनाया जाएगा। इस दिन सरकारी अधिकारी स्वयं किसानों के द्वार जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे। किसानों को अब दफ्तरों की खाक नहीं छाननी पड़ेगी। साथ ही, उन्होंने उत्तराखंड को देश का पहला ऐसा राज्य बनने पर बधाई दी जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने का साहस दिखाया।
किसानों को तत्काल राहत
प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खराब मौसम के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के खातों में ₹65 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
चमोली का यह किसान सम्मेलन केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने का एक ब्लूप्रिंट था। ‘क्लीन प्लांट प्रोग्राम‘ से लेकर ‘जी राम जी योजना‘ तक, हर कदम पहाड़ के किसानों के जीवन में खुशहाली लाने की दिशा में बढ़ाया गया है। शिवराज सिंह चौहान और पुष्कर सिंह धामी की इस ‘डबल इंजन‘ रणनीति से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की कृषि आय में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।





