केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पंजाब के मोगा जिले का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान, मंत्री जी ने किसानों के बीच बैठकर न केवल उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना, बल्कि पंजाब की पारंपरिक कृषि संस्कृति और जायके का भी अनुभव किया।
यह दौरा केंद्र सरकार और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
किसानों के बीच, खेत की मेड़ पर संवाद
शिवराज सिंह चौहान ने मोगा पहुँचकर सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने औपचारिक मंचों से दूर हटकर, सीधे खेत की मेड़ पर किसान भाइयों से बातचीत की।
- जमीनी हकीकत: मंत्री जी ने किसानों से खेती में आ रही चुनौतियों, सरकारी योजनाओं के लाभ और कृषि उत्पादों की मार्केटिंग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
- संवाद का उद्देश्य: उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान का सही लाभ तब तक नहीं मिल सकता, जब तक हम किसानों की ‘मिट्टी की ख़ुशबू’ को महसूस नहीं करते और उनकी ज़रूरतों को सीधे नहीं समझते।
विकास का संकल्प: तकनीक और लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान संगठन के सदस्यों और स्थानीय नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने पंजाब में कृषि विकास की गति को और तेज़ करने पर ज़ोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की प्राथमिकता है कि छोटी जोत वाले किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुँचे और उनकी आय सुनिश्चित हो। उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ज़मीनी स्तर पर काम करने का आह्वान किया।
पंजाब का पारंपरिक स्वाद: साग और रोटी
मोगा यात्रा का एक यादगार हिस्सा रहा पंजाब के पारंपरिक भोजन का अनुभव। केंद्रीय मंत्री ने किसान भाइयों के साथ बैठकर गरमा-गरम सरसों का साग और मक्के की रोटी का स्वाद लिया।
श्री चौहान ने इस अनुभव को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि यह भोजन सिर्फ़ स्वाद नहीं है, बल्कि पंजाब की समृद्ध कृषि संस्कृति और अन्नदाता के श्रम का प्रतीक है।
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