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रायसेन में सजेगा राष्ट्रीय कृषि मेला, ड्रोन और हाइड्रोपोनिक्स से खेती करना सीखेंगे किसान

11 अप्रैल से रायसेन में 'कृषि कुंभ' का आगाज़

अंकित शर्मा by अंकित शर्मा
April 3, 2026
in खेती-किसानी
Reading Time: 1 min
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मध्य प्रदेश की पावन धरा और रायसेन का ऐतिहासिक क्षेत्र आगामी 11 से 13 अप्रैल 2026 तक देश के सबसे बड़े कृषि आयोजनों में से एक ‘राष्ट्रीय कृषि मेला’ का साक्षी बनने जा रहा है। Indian Council of Agricultural Research (ICAR) के सहयोग से आयोजित होने वाला यह मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों को भविष्य की ‘स्मार्ट खेती’ से जोड़ने का एक सशक्त मंच है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अन्नदाताओं को पारंपरिक पद्धतियों से निकालकर आधुनिक तकनीकों की ओर ले जाना है, ताकि उनकी आय में वास्तविक बढ़ोतरी हो सके।

“किसान की सेवा, भगवान की पूजा”: केंद्रीय मंत्री का विजन

मेले के उपलक्ष्य में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश भर के किसानों को एक भावुक और प्रेरणादायक संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की सेवा करना उनके लिए किसी धार्मिक अनुष्ठान या भगवान की अर्चना से कम नहीं है।

  • आय में वृद्धि का संकल्प: मंत्री जी ने रेखांकित किया कि जब तक किसान आर्थिक रूप से सशक्त नहीं होगा, तब तक देश की प्रगति अधूरी है।
  • योजनाओं का लाभ: सरकार ऐसी नीतियां बना रही है जिससे तकनीक और किसान के बीच की दूरी कम हो सके। रायसेन का यह मेला इसी कड़ी का एक बड़ा हिस्सा है।

मेले का मुख्य आकर्षण: क्या मिलेगा किसानों को खास?

रायसेन के इस तीन दिवसीय महाकुंभ में किसानों के लिए ‘ज्ञान का भंडार’ खुला रहेगा। यहाँ किताबी बातों के बजाय व्यावहारिक अनुभव (Practical Learning) पर ज़ोर दिया गया है:

  1. ड्रोन टेक्नोलॉजी: खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव और फसलों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कैसे करें, इसका सीधा प्रदर्शन (Live Demo) दिखाया जाएगा।
  2. पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस: नियंत्रित वातावरण में बेमौसमी और उच्च मूल्य वाली फसलें उगाकर लाखों रुपये कैसे कमाएं, इसकी बारीकियां विशेषज्ञ समझाएंगे।
  3. हाइड्रोपोनिक्स (मिट्टी के बिना खेती): कम जगह और बिना मिट्टी के पानी के सहारे खेती करने की जादुई तकनीक से किसानों को रूबरू कराया जाएगा।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग (एकीकृत खेती): कम ज़मीन, ज़्यादा मुनाफ़ा

मेले की सबसे अनूठी बात ‘एकीकृत कृषि प्रणाली’ पर दिया जाने वाला लाइव डेमो है।

  • मल्टी-क्रॉपिंग मॉडल: छोटे किसानों को दिखाया जाएगा कि कैसे वे अपनी सीमित ज़मीन पर एक साथ कई फसलें, पशुपालन और अन्य गतिविधियां चलाकर साल भर नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं।
  • लागत में कमी: विशेषज्ञों द्वारा यह सिखाया जाएगा कि कैसे खेती के अपशिष्ट (Waste) का उपयोग खाद के रूप में करके बाहरी लागत को शून्य किया जा सकता है।

नकली खाद की पहचान और उर्वरक प्रबंधन

आजकल बाज़ार में नकली खाद और बीजों की बढ़ती समस्या किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है।

  • जागरूकता सत्र: मेले में कृषि वैज्ञानिक सरल प्रयोगों के ज़रिए दिखाएंगे कि असली और नकली खाद के बीच अंतर कैसे करें।
  • संतुलित उपयोग: मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए उर्वरकों के सही अनुपात और संतुलित इस्तेमाल पर विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे ज़मीन की उपजाऊ शक्ति बनी रहे।

विशेषज्ञों से सीधी बात: समस्याओं का मौके पर समाधान

मेले में देशभर से नामचीन कृषि वैज्ञानिक, उन्नत किसान और सरकारी अधिकारी मौजूद रहेंगे।

  • प्रश्नकाल सत्र: किसान अपनी खेती से जुड़ी किसी भी समस्या (कीट हमला, कम उपज, मार्केटिंग आदि) को लेकर सीधे विशेषज्ञों से सवाल कर सकते हैं।
  • मशीनरी प्रदर्शनी: यहाँ लेटेस्ट ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और बुवाई की मशीनों की प्रदर्शनी भी लगेगी, जहाँ किसान मशीनों को चलाकर देख सकते हैं।

‘खबर किसान की’ विशेष विश्लेषण: क्यों ज़रूरी है यह मेला?

अंकित भाई, आपके पाठकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि खेती अब केवल हल चलाने का नाम नहीं, बल्कि एक ‘मैनेजमेंट’ बन चुकी है।

  • लागत का गणित: नई मशीनों और ड्रोन के इस्तेमाल से श्रम की बचत होती है और लागत कम आती है।
  • मार्केटिंग का ज्ञान: मेले में फसलों की बेहतर पैकेजिंग और उन्हें सीधे बाज़ार तक पहुँचाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।

11 अप्रैल सुबह 10 बजे से शुरू होने वाला यह मेला रायसेन की ज़मीन पर विकास की नई इबारत लिखेगा। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री की अपील पर देश के कोने–कोने से किसानों का जुटना तय है। यह आयोजन उन सभी अन्नदाताओं के लिए एक ‘स्वर्ण अवसर‘ है जो अपनी खेती को एक फायदे का सौदा बनाना चाहते हैं। यदि आप अपनी पारंपरिक खेती में तकनीक का तड़का लगाना चाहते हैं, तो रायसेन का रास्ता आपके भविष्य की समृद्धि की ओर जाता है।

Tags: ICARkisan melaMP National Agriculture Exposhivraj singh chouhanSmart FarmingUnnat Krishi Mahotsav
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