केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज (1 दिसंबर 2025) नई दिल्ली की सुंदर नर्सरी में सरस आजीविका फूड फेस्टिवल 2025 का शानदार शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद रहीं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस फेस्टिवल को महिला सशक्तिकरण और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘लखपति दीदियां’ बनीं देश की प्रेरणा
लखपति दीदियों की सराहना करते हुए मंत्री श्री चौहान ने उन्हें ‘नारायणी’ कहा और विश्वास व्यक्त किया कि ये महिलाएँ अनंत शक्तियों की भंडार हैं।
शिवराज सिंह का संदेश: “लखपति बहनों ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे अपनी कर्मठता से प्रगति, विकास और समृद्धि की एक नई गाथा लिख रही हैं। आज 25 राज्यों से आई ये दीदियां अपने परिश्रम और हुनर के बल पर समृद्धि का आसमान छूने निकली हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप, ग्रामीण विकास मंत्रालय लगातार काम कर रहा है कि कोई भी महिला गरीब न रहे, बल्कि अपने हुनर और परिश्रम के बल पर आगे बढ़े।

स्वाद, स्वावलंबन और स्वदेशी का संगम
केंद्रीय मंत्री ने सरस फूड फेस्टिवल को ‘स्वाद, स्वावलंबन और स्वदेशी’ का अनूठा संगम बताया। उन्होंने कहा कि भारत के व्यंजनों में केवल स्वाद नहीं है, बल्कि माँ की सीख, दादी की रीत और मिट्टी की स्मृतियां भी समाई हुई हैं।
- अद्वितीय व्यंजन: फेस्टिवल में 25 राज्यों की महिलाओं द्वारा 62 स्टॉलों के माध्यम से 500 से अधिक पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं।
- सांस्कृतिक झलक: यहाँ हिमाचली सीड्डू, जम्मू-कश्मीर का कलारी कुल्चा, हैदराबादी दम बिरयानी, बिहार का लिट्टी-चोखा और पंजाब का सरसों का साग-मक्के की रोटी जैसे पकवान आगंतुकों को भारतीय सांस्कृतिक विविधता से रूबरू करा रहे हैं।
आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण
सरस आजीविका फूड फेस्टिवल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बाजार और पहचान देने वाला एक मजबूत मंच है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है।
फूड स्टॉलों के साथ ही यहाँ ग्रामीण उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जो आगंतुकों को ग्रामीण भारत की समृद्ध परंपराओं और महिला नेतृत्व वाले आजीविका मॉडल से परिचित करा रहे हैं। यह फेस्टिवल आम जनता के लिए 9 दिसंबर तक प्रतिदिन सुबह 11.30 बजे से रात 9.30 बजे तक खुला रहेगा।





