केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कृषि भवन, नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की प्रगति की व्यापक समीक्षा करना और भविष्य की कार्ययोजना के लिए अधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश देना था। बैठक में ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश सिंह सहित मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
बैठक में अधिकारियों ने मंत्री श्री चौहान को राज्यवार प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों और कुछ राज्यों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण काम की रफ़्तार थोड़ी धीमी रही है, लेकिन बाकी सभी जगह कार्य सुचारू रूप से जारी है।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र: केंद्रीय मंत्री ने पूर्वोत्तर राज्यों में ग्रामीण विकास में तेज़ी लाने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही इन राज्यों में एक विशेष बैठक करेंगे। इस बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के साथ-साथ मनरेगा, कौशल विकास और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी अन्य योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा।
- नक्सलवाद और सड़क: बैठक में छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में PMGSY की प्रगति पर भी चर्चा हुई। श्री चौहान ने कहा कि सड़कों का निर्माण नक्सलवाद को खत्म करने और इन क्षेत्रों में विकास लाने में एक अहम भूमिका निभाता है।
दिसंबर में 25 साल पूरे, राष्ट्रव्यापी जश्न की तैयारी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने PMGSY को एक “ऐतिहासिक पहल” बताते हुए कहा कि इस योजना ने ग्रामीण आबादी के जीवन में व्यापक बदलाव लाने का काम किया है।
- बड़ी उपलब्धि: इस वर्ष दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं, जिसे राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि के रूप में मनाया जाएगा।
- रिपोर्ट जारी करने का निर्देश: उन्होंने अधिकारियों को इस 25 साल की सफल यात्रा पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया, ताकि देश भर के लोगों को इस सफल योजना की जानकारी मिल सके।
श्री चौहान ने सभी अधिकारियों को अच्छी गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सड़कों का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रुकावटें आने पर राज्यों के साथ त्वरित समन्वय स्थापित कर समाधान निकाला जाए, ताकि काम की प्रगति बनी रहे।





