देश में रसोई गैस (LPG) की उपलब्धता और वितरण को लेकर एक बड़ा नीतिगत बदलाव सामने आया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया को और अधिक सख्त कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को एक रिफिल से दूसरे रिफिल के बीच एक निश्चित समयावधि का पालन करना होगा। यह कदम बाजार में गैस की किल्लत को रोकने और जमाखोरी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए नियमों के प्रभावी होने के बाद, अब उन दिनों की बात पुरानी हो गई है जब आप अपनी मर्जी से कभी भी गैस बुक कर सकते थे।
35 दिनों का नया नियम: किसे करना होगा इंतज़ार?
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं की श्रेणी के आधार पर बुकिंग का समय (Interval) तय किया है।
- डबल बॉटल कनेक्शन (DBC): जिन ग्राहकों के पास दो सिलेंडरों वाला कनेक्शन है, उनके लिए नियम सबसे ज्यादा चर्चा में है। अब ऐसे उपभोक्ता अपनी पिछली डिलीवरी के 35 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर पाएंगे। पहले यह समय सीमा कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर एक महीने से ज्यादा कर दिया गया है।
- सिंगल सिलेंडर कनेक्शन: जिन उपभोक्ताओं के पास केवल एक ही सिलेंडर है, उन्हें थोड़ी राहत दी गई है। वे पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद अपनी अगली बुकिंग करा सकेंगे।
उज्ज्वला योजना और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सख्त निर्देश
सरकार की महात्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए नियम और भी कड़े किए गए हैं:
- उज्ज्वला लाभार्थी: इस योजना से जुड़े परिवारों को अब अगले सिलेंडर के लिए 45 दिन का अनिवार्य इंतज़ार करना होगा।
- ग्रामीण उपभोक्ता: गांवों में रहने वाले ग्राहकों के लिए भी रिफिलिंग का अंतराल 45 दिन तय किया गया है।
इसके पीछे मुख्य तर्क यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों और सब्सिडी वाले कनेक्शनों में गैस का दुरुपयोग न हो और वास्तविक जरूरतमंदों तक सप्लाई पहुँचती रहे।
सालाना कोटा और अतिरिक्त जानकारी का झंझट
नियमों के मुताबिक, एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) में एक कनेक्शन पर अधिकतम 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर ही दिए जाते हैं। यदि कोई परिवार इस कोटे को पार कर लेता है, तो अगली बुकिंग प्रक्रिया और जटिल हो जाएगी।
- ऐप पर देने होंगे जवाब: 12 सिलेंडर खत्म होने के बाद अगर आप 13वां सिलेंडर बुक करते हैं, तो आपको गैस कंपनी के मोबाइल ऐप पर कुछ सवालों के जवाब देने होंगे।
- औचित्य साबित करना: आपसे पूछा जा सकता है कि परिवार में कितने सदस्य हैं, क्या घर में कोई शादी या समारोह है, या मेहमानों का आगमन हुआ है? इन जानकारियों की समीक्षा के बाद ही अतिरिक्त सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार की जाएगी।
डिलीवरी के लिए OTP और e-KYC अनिवार्य
सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कंपनियों ने अब OTP (One Time Password) आधारित डिलीवरी को अनिवार्य कर दिया है। जब हॉकर आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी बताना होगा, तभी डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इसके अलावा, जिन ग्राहकों ने अभी तक अपनी e-KYC (नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी बुकिंग बीच में ही रद्द की जा सकती है।
सप्लाई चेन मैनेजमेंट और भविष्य की चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण एलपीजी की इनपुट कॉस्ट बढ़ी है और सप्लाई चेन पर दबाव है। इसी को देखते हुए इंडियन ऑयल ने बुकिंग के बीच का अंतर बढ़ाया है ताकि स्टॉक का सही प्रबंधन हो सके।
इन नए नियमों का सीधा मतलब यह है कि अब उपभोक्ताओं को अपनी रसोई का बजट और गैस का इस्तेमाल बहुत सोच–समझकर करना होगा। बुकिंग में देरी होने की स्थिति में आपके पास बैकअप प्लान होना जरूरी है। हालांकि यह नियम शुरुआती तौर पर थोड़े कठिन लग सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि में यह ब्लैक मार्केटिंग रोकने और गैस की बर्बादी कम करने में सहायक सिद्ध होंगे।





