मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य को हरित ऊर्जा (Green Energy) का एक प्रमुख केंद्र (Hub) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने रिलायंस ग्रीन एनर्जी कंपनी द्वारा भोपाल, इंदौर और सतना में स्थापित तीन अत्याधुनिक कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट्स का वर्चुअल उद्घाटन किया। इन प्लांट्स में लगभग ₹700 करोड़ का निवेश किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये प्लांट साझेदारी और प्रगति के प्रतीक हैं, जो ‘कचरे को ऊर्जा में बदलने’ का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी और सहयोग से मध्यप्रदेश जल्द ही हरित ऊर्जा का हब बनेगा।
किसानों को सीधा फ़ायदा: पराली जलाने की समस्या होगी कम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस परियोजना को किसानों से जोड़ते हुए कहा कि कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स के शुरू होने से प्रदेश में पराली या नरवाई जलाने जैसी घटनाएँ भी कम होंगी।
- वेस्ट-टू-वेल्थ: भोपाल के आदमपुर छावनी क्षेत्र में स्थापित CBG प्लांट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वेस्ट-टू-वेल्थ” और “एनर्जी फ्रॉम वेस्ट” के विजन को साकार करता है।
- ईंधन स्रोत: भोपाल प्लांट में प्रतिदिन 260 टन कृषि अवशेष, जैसे पराली और नेपियर घास, का उपयोग किया जाएगा। यही कृषि कचरा जो पहले प्रदूषण का कारण बनता था, अब ऊर्जा का स्रोत बनेगा।
- उत्पादन क्षमता: इन तीनों प्लांट्स की संयुक्त उत्पादन क्षमता 45 हज़ार टन प्रतिवर्ष है।
CBG प्लांट्स: खेती और पर्यावरण दोनों के लिए क्रांति
ये प्लांट न केवल ऊर्जा उत्पादन का केंद्र हैं, बल्कि किसानों के जीवन और मिट्टी के स्वास्थ्य में परिवर्तन लाने का माध्यम भी हैं:
- प्राकृतिक जैविक खाद: इन प्लांट्स से प्रतिदिन भारी मात्रा में Fermented Organic Manure (FOM) तैयार होगा। यह जैविक खाद किसानों को मिलेगी, जिससे मिट्टी की जैविक कार्बन मात्रा बढ़ेगी, रासायनिक खादों पर निर्भरता घटेगी और फसलों की गुणवत्ता सुधरेगी।
- प्रदूषण नियंत्रण: इन संयंत्रों के शुरू होने से वार्षिक स्तर पर लगभग 17 हज़ार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। इसके साथ ही, ये प्लांट ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज तकनीक पर आधारित हैं और पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- रोजगार: अकेले भोपाल का प्लांट 250 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगा।
- बायो-CNG: प्लांट से निकलने वाली बायो गैस का उपयोग बायो-CNG के रूप में वाहनों, घरों और उद्योगों में होगा, जिससे लगभग 2000 ऑटो रिक्शा और लघु वाहनों को ईंधन मिल सकेगा।
भविष्य की योजना
रिलायंस कंपनी द्वारा मध्यप्रदेश में कुल 6 संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। जबलपुर, बालाघाट और सीहोर में तीन अन्य संयंत्र निर्माणाधीन हैं। कंपनी ने भविष्य में प्रदेश में 500 कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट्स लगाने की योजना बनाई है। पहले चरण में ऐसे 100 संयंत्रों का समूह स्थापित किया जाएगा, जिससे लगभग 5000 से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।





