भारत की सांस्कृतिक और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था में गायों का स्थान हमेशा से सर्वोपरि रहा है। इसी परंपरा को आधुनिक तकनीक और वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए गुजरात का राजकोट शहर एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। आगामी 20, 21 और 22 फरवरी 2026 को राजकोट के ऐतिहासिक रेस कोर्स ग्राउंड (Racecourse Ground) में ‘इंडियन कैटल शो 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इसे न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया का सबसे बड़ा स्वदेशी गौवंश एक्सपो (Indigenous Cow Expo) माना जा रहा है।
श्वेत क्रांति को मिलेगी नई दिशा
यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी मात्र नहीं है, बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकार के ‘श्वेत क्रांति 2.0’ और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस तीन दिवसीय महाकुंभ में भारतीय नस्ल की गायों की महत्ता, उनके संरक्षण और उनके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के गुर सिखाए जाएंगे। आयोजकों का लक्ष्य है कि इस एक्सपो के जरिए पशुपालकों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे बाजार और आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा सके।
मुख्य आकर्षण: गिर और कांकरेज का जलवा
इस एक्सपो का सबसे मुख्य आकर्षण गुजरात की शान कही जाने वाली ‘गिर’ (Gir) और ‘कांकरेज’ (Kankrej) नस्ल की गायें होंगी। गिर गाय, जो अपनी अधिक दुग्ध उत्पादन क्षमता और शांत स्वभाव के लिए दुनिया भर में (खासकर ब्राजील जैसे देशों में) प्रसिद्ध है, उसे इस शो में विशेष स्थान दिया जाएगा। साथ ही, कांकरेज नस्ल, जो अपनी ताकत और विशेष ‘सवाई चाल’ के लिए जानी जाती है, उसके बेहतरीन नमूनों का प्रदर्शन किया जाएगा।
इसके अलावा, देशभर से साहीवाल, थारपारकर, राठी और रेड सिंधी जैसी अन्य प्रतिष्ठित स्वदेशी नस्लों को भी इस प्रतियोगिता और प्रदर्शनी में शामिल किया जाएगा। पशुपालकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कारों की भी घोषणा की गई है।
कृषि और डेयरी का महासंगम
इंडियन कैटल शो 2026 का दायरा केवल पशुओं तक सीमित नहीं है। यहाँ आने वाले आगंतुकों के लिए एक ही छत के नीचे पूरी कृषि और डेयरी इकोसिस्टम को पेश किया जाएगा:
- डेयरी टेक्नोलॉजी: दूध निकालने की आधुनिक मशीनें, चिलिंग प्लांट और दूध प्रसंस्करण (Processing) के नए उपकरणों की प्रदर्शनी होगी।
- जैविक खेती (Organic Farming): गौमूत्र और गोबर से बने जैविक उर्वरकों (Organic Fertilizers) और कीटनाशकों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी।
- एग्रो मशीनरी: खेती को आसान बनाने वाली नई पीढ़ी की मशीनों और ट्रैक्टरों के लाइव डेमो दिखाए जाएंगे।
- स्टॉल और प्रदर्शनी: कृषि स्टार्टअप्स और बड़ी कंपनियों के सैकड़ों स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ किसान सीधे विशेषज्ञों से संवाद कर सकेंगे।
पशुपालकों के लिए स्वर्णिम अवसर
इस आयोजन में शामिल होने के लिए पशु पंजीकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। गुजरात सहित राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के पशुपालकों में इस शो को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से स्वदेशी गौवंश की नस्ल सुधारने में मदद मिलती है और उनकी बाजार कीमत में भी इजाफा होता है।
आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
- तारीख: 20 से 22 फरवरी 2026
- स्थान: रेस कोर्स ग्राउंड, राजकोट (गुजरात)
- पंजीकरण: यदि आप अपने पशुओं का पंजीकरण कराना चाहते हैं या प्रदर्शनी में अपना स्टॉल लगाना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल Indian Cattle Show पर विजिट कर सकते हैं।
- संपर्क सूत्र: स्टॉल बुकिंग और अन्य व्यावसायिक पूछताछ के लिए आयोजकों ने हेल्पलाइन नंबर +91 8200291436 जारी किया है।
राजकोट का यह ‘इंडियन कैटल शो‘ आधुनिकता और परंपरा का एक अनूठा मेल साबित होगा। जहाँ एक ओर हम ग्लोबल वार्मिंग और रसायनों से भरी खेती की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह शो हमें अपनी जड़ों (स्वदेशी गौवंश) की ओर लौटने का संदेश देता है। यदि आप पशुपालन, डेयरी उद्योग या खेती–किसानी से जुड़े हैं, तो फरवरी में होने वाला यह आयोजन आपके लिए ज्ञान और व्यापार का नया द्वार खोल सकता है।




