देश की राजधानी दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘एग्रीमैक 2025’ (AgriMach 2025) का आज (29 नवंबर 2025) सफलतापूर्वक समापन हो गया। 27 से 29 नवंबर तक चले इस महाकुंभ में देश-विदेश के किसानों, कृषि-उद्यमियों और वैज्ञानिकों ने नवीनतम कृषि मशीनरी और तकनीकों को देखा।
इस अंतर्राष्ट्रीय मेले ने किसानों को यह दिखाया कि कैसे तकनीक और हरित ईंधन (Green Fuel) आधारित समाधान भारतीय कृषि के भविष्य को बदल सकते हैं।
1. अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नवीनतम कृषि तकनीक
एग्रीमैक 2025 में कृषि-मशीनरी, उपकरण और एग्री-तकनीक समाधानों की एक विशाल श्रृंखला प्रदर्शित की गई। किसानों ने विशेष रूप से निम्नलिखित तकनीकों में गहरी रुचि दिखाई:
- ड्रोन टेक्नोलॉजी: फसल स्वास्थ्य निगरानी, सटीक उर्वरक छिड़काव और ड्रोन से बुवाई के नए मॉडल।
- ट्रैक्टर के नए मॉडल: बड़े और छोटे दोनों किसानों के लिए विकसित किए गए उच्च-क्षमता वाले, ईंधन-कुशल ट्रैक्टर।
- किफायती उपकरण: छोटे और सीमांत किसानों के लिए डिज़ाइन किए गए ऐसे उपकरण जो मज़दूरी की लागत को कम करते हैं और उत्पादकता बढ़ाते हैं।
2. हरित ईंधन पर कृषि मंत्रालय का ज़ोर
समापन समारोह के दौरान, कृषि मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने ग्रीन फ्यूल आधारित तकनीकों को अपनाने की जोरदार वकालत की। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल प्रदूषण कम करती है, बल्कि किसानों की लागत को भी कम करने की क्षमता रखती है।
- भविष्य की खेती: मंत्रालय का मानना है कि कृषि क्षेत्र को जलवायु-परिवर्तन के खतरों से बचाने और सस्टेनेबल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर, बायोफ्यूल और सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों को प्राथमिकता देना अनिवार्य है।
- किसानों के लिए लाभ: ग्रीन फ्यूल आधारित मशीनरी का उपयोग करने से किसान डीज़ल और पेट्रोल पर होने वाले भारी खर्च से बच सकते हैं, जिससे उनकी शुद्ध आय में वृद्धि होगी।
3. ‘मेक इन इंडिया’ और टेक्नोलॉजी का संगम
एग्रीमैक 2025 भारतीय कृषि मशीनरी क्षेत्र के लिए एक वैश्विक मंच बना। यहाँ प्रदर्शित अधिकांश उपकरण ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाए गए थे, जो भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप थे।
किसानों को विशेषज्ञों ने यह भी समझाया कि मशीनरी का सही रखरखाव कैसे करें और सरकारी योजनाओं (जैसे सब्सिडी) का लाभ कैसे उठाएँ ताकि वे इन महंगी तकनीकों को आसानी से खरीद सकें।
किसानों के लिए संदेश
एग्रीमैक 2025 ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय कृषि का भविष्य नवाचार (Innovation) और हरित ऊर्जा (Green Energy) में छिपा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल मशीनरी को अपनाएँ ताकि उत्पादन और मुनाफ़ा दोनों बढ़ सकें।




