उत्तराखंड के चंपावत जिले में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में उद्यान विभाग की एक पहल रंग ला रही है। विभाग ने अक्टूबर माह में जिले के चारों विकासखंडों में 28 टन मशरूम कम्पोस्ट का वितरण किया था, जिसके मात्र डेढ़ महीने बाद ही किसानों को शानदार उत्पादन मिलना शुरू हो गया है।
इस योजना के तहत, कुल 69 किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए 80 प्रतिशत राज सहायता (Subsidy) पर कम्पोस्ट किट उपलब्ध कराए गए थे।
चार विकासखंडों में बंटा कम्पोस्ट, उत्पादन का लक्ष्य बड़ा
जिला उद्यान अधिकारी प्रेम लाल कोहली ने इस पहल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘आदर्श चम्पावत’ की थीम पर जिला योजना के तहत यह कार्य किया गया है।
- कितने किसानों को लाभ: पाटी में 34, बाराकोट में 7, लोहाघाट में 4 और चंपावत में 24 किसानों को 10-10 किलो के कम्पोस्ट किट वितरित किए गए थे।
- तेज़ उत्पादन: अक्टूबर के पहले सप्ताह में दिए गए इस कम्पोस्ट से डेढ़ महीने के भीतर ही मशरूम का उत्पादन शुरू हो गया है।
- उत्पादन लक्ष्य: उद्यान विभाग ने इस पहल के माध्यम से जिले में इस वर्ष लगभग 40 से 45 क्विंटल मशरूम उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को अच्छा-खासा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
₹250 प्रति किलो का दाम, आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
घाटी क्षेत्रों में मशरूम उत्पादन शुरू होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। बाज़ार में मशरूम का मूल्य ₹200 से ₹250 प्रति किलोग्राम मिल रहा है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
किसान प्रदीप जोशी ने इस पहल पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन में अनगिनत संभावनाएँ हैं और यह खेती को एक नया व्यावसायिक आयाम दे सकता है।





