गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार कुल 131 हस्तियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए चुना गया है, जिनमें से कृषि और पशुपालन क्षेत्र की चार महान विभूतियों का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हुआ है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन नामों को मंजूरी दे दी है, जो यह दर्शाता है कि आधुनिक भारत में खेती केवल पेट पालने का जरिया नहीं, बल्कि नवाचार और संरक्षण का बड़ा मंच बन चुकी है।
पुरस्कारों का संक्षिप्त विवरण: 131 हस्तियों में 19 महिलाएं
साल 2026 के लिए घोषित इन पुरस्कारों में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। सूची में विविधता का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें 19 महिलाएं और 16 मरणोपरांत सम्मानित होने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
कृषि क्षेत्र के ‘पद्म’ विजेता: जानें इनकी असाधारण कहानियां
1. रघुपत सिंह (मरणोपरांत), उत्तर प्रदेश: सब्जियों के रक्षक
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी गांव के रहने वाले स्वर्गीय रघुपत सिंह को कृषि क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए मरणोपरांत पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। रघुपत सिंह ने अपना पूरा जीवन उन सब्जियों और वनस्पतियों को बचाने में लगा दिया जो समय के साथ विलुप्त हो रही थीं। उन्होंने 55 से अधिक दुर्लभ सब्जियों की प्रजातियों को संरक्षित किया और 100 से अधिक नई कृषि किस्में विकसित कीं। उनके द्वारा संरक्षित बीज आज आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी विरासत हैं।
2. श्रीरंग देवाबा लाड, महाराष्ट्र: कपास की खेती के जादूगर
महाराष्ट्र के प्रगतिशील किसान श्रीरंग देवाबा लाड को उनके द्वारा विकसित ‘दादा लाड कपास तकनीक’ के लिए पद्म सम्मान दिया गया है। इस अनोखी विधि से कपास की पैदावार में 300 प्रतिशत तक की अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। उनकी इस तकनीक ने हजारों कपास उत्पादकों की आय में 40 फीसदी से अधिक का इजाफा किया है, जिससे वे महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक मसीहा बनकर उभरे हैं।
3. जोगेश देउरी, असम: सुनहरे रेशम के अग्रदूत
असम के किसान जोगेश देउरी ने ‘मूंगा रेशम’ (Muga Silk) को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। मूंगा रेशम अपनी प्राकृतिक सुनहरी चमक और मजबूती के लिए प्रसिद्ध है, जिसे जीआई टैग भी प्राप्त है। जोगेश ने न केवल इस दुर्लभ रेशम के उत्पादन को बढ़ाया, बल्कि हजारों किसानों को इस व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया।
4. रामा रेड्डी मामिदी (मरणोपरांत), तेलंगाना: पशुपालन के आधुनिक शिल्पकार
तेलंगाना के मशहूर पशुपालक रामा रेड्डी मामिदी को मरणोपरांत पद्म श्री से नवाजा गया है। उन्होंने डेयरी सेक्टर और पशुपालन में आधुनिक प्रथाओं को लागू करने और किसानों को वैज्ञानिक तरीके से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों ने तेलंगाना के डेयरी उद्योग को एक नई दिशा और मजबूती प्रदान की है।
क्यों खास हैं ये पुरस्कार?
पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं:
- पद्म विभूषण: असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म भूषण: उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए।
- पद्म श्री: किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए।
ये सम्मान हर साल मार्च या अप्रैल के महीने में राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोहों में प्रदान किए जाते हैं। 2026 की यह सूची यह संदेश देती है कि भारत का भविष्य कृषि और ग्रामीण विकास में निहित है।





