Thursday, January 15, 2026
खबर किसान की
  • होम
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • सरकारी योजनाएं
  • सेहत
  • विज्ञान और तकनीक
  • वीडियो
  • सक्सेस स्टो‍री
  • लेटेस्ट न्यूज
No Result
View All Result
  • होम
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • सरकारी योजनाएं
  • सेहत
  • विज्ञान और तकनीक
  • वीडियो
  • सक्सेस स्टो‍री
  • लेटेस्ट न्यूज
No Result
View All Result
खबर किसान की
No Result
View All Result
Home खेती-किसानी

भारत बना दुनिया का नया ‘राइस किंग’, अन्नदाताओं ने रचा इतिहास!

चीन का दबदबा खत्म

अंकित शर्मा by अंकित शर्मा
January 1, 2026
in खेती-किसानी, लेटेस्ट न्यूज
Reading Time: 2 min
0 0
0
0
SHARES
23
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterwhatsappQR CodeWechatTelegram

साल 2026 का सूरज भारत के लिए एक ऐसी उपलब्धि लेकर आया है, जिसने वैश्विक मंच पर तिरंगे की धमक और बढ़ा दी है। जहाँ पूरी दुनिया नए साल के जश्न में डूबी है, वहीं भारत के खेतों से एक ऐसी गूँज सुनाई दे रही है जो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दे। कृषि मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के अनुसार, भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है। दशकों से चावल उत्पादन के सिंहासन पर काबिज चीन को पछाड़कर भारत ने नंबर-1 का स्थान हासिल कर लिया है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प और हमारे किसानों के पसीने की जीत है।

अतीत का वह घाव: जब हम दाने-दाने को मोहताज थे

आज की ‘डिजिटल पीढ़ी’ शायद उस दौर की कल्पना भी न कर पाए जब भारत को अपनी भूख मिटाने के लिए दूसरे देशों के सामने झोली फैलानी पड़ती थी। 1960 का वह दशक भारतीय इतिहास का सबसे चुनौतीपूर्ण समय था। देश आज़ाद तो था, लेकिन पेट भरने के लिए अनाज नहीं था। उस वक्त भारत अमेरिका के साथ ‘PL-480’ समझौते के तहत वह गेहूं आयात करने को मजबूर था, जिसे अमेरिका में जानवर भी नहीं खाते थे। उस लाल रंग के गेहूं के लिए हमें हफ़्तों तक बंदरगाहों पर जहाजों का इंतजार करना पड़ता था।

तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने इसी बेबसी को देखते हुए देश से ‘एक दिन उपवास’ रखने का आग्रह किया था। दुनिया हमें एक ‘असफल राष्ट्र’ मान रही थी जिसे लगता था कि भारत कभी अपनी आबादी को खाना नहीं खिला पाएगा। आज जब हम चीन को पीछे छोड़ते हैं, तो वह पुरानी ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ तस्वीर याद करना जरूरी है ताकि हम अपनी इस उपलब्धि की कीमत समझ सकें।

2026 का स्वर्णिम आंकड़ा: दुनिया की थाली में भारत का दाना

आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस ऐतिहासिक जीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल चावल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी अब 28 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है। सरल शब्दों में कहें तो, आज पूरी दुनिया में अगर चार प्लेट चावल परोसा जाता है, तो उसमें से एक प्लेट से ज्यादा चावल भारत की मिट्टी से उपजा होता है।

चीन को पछाड़ना क्यों है एक ‘महाजीत’?

चीन को कृषि और मैन्युफैक्चरिंग की दुनिया में अजेय माना जाता रहा है। उनके पास हाइब्रिड चावल की उन्नत लैब, प्रति हेक्टेयर जबरदस्त पैदावार की तकनीक और सरकारी संसाधनों का विशाल तंत्र है। ऐसे में भारत का उनसे आगे निकलना यह प्रमाणित करता है कि हमारी ‘देसी तकनीक’ और ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण’ अब विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ है। यह भारत की खाद्य सुरक्षा (Food Security) के साथ-साथ हमारी आर्थिक संप्रभुता की भी बड़ी जीत है।

इस चमत्कार के पीछे के तीन महानायक

कृषि मंत्री ने इस सफलता का श्रेय तीन मुख्य स्तंभों को दिया है:

  1. अन्नदाता का अटूट परिश्रम: चाहे पंजाब की सर्दी हो या उड़ीसा की भीषण बरसात, भारतीय किसान ने कभी हार नहीं मानी। मिट्टी को सोना बनाने की उनकी जिद ही हमें यहाँ तक लाई है।
  2. भारतीय कृषि अनुसंधान (ICAR): हमारे वैज्ञानिकों ने चावल की ऐसी उन्नत और लचीली किस्में तैयार कीं, जो न केवल बीमारियों से लड़ सकती हैं बल्कि कम पानी में भी बंपर पैदावार देती हैं।
  3. प्रधानमंत्री मोदी का विजन: ‘बीज से बाजार तक’ की सरकारी नीतियों, सॉयल हेल्थ कार्ड और एमएसपी (MSP) में निरंतर बढ़ोत्तरी ने किसानों के मन में सुरक्षा का भाव पैदा किया। सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं ने खेती को एक लाभकारी व्यवसाय में तब्दील कर दिया है।

ग्लोबल साउथ की उम्मीद बना भारत

भारत पहले से ही चावल निर्यात के मामले में दुनिया का बेताज बादशाह है, जहाँ वैश्विक व्यापार का 40% हिस्सा हमारे पास है। अब उत्पादन में नंबर-1 बनने के बाद भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और बढ़ेगी। बासमती की महक पहले से ही अरब देशों से लेकर यूरोप तक फैली है, लेकिन अब साधारण चावल की पैदावार में भी भारत का कोई सानी नहीं है। संकट के समय में दुनिया अब चीन के बजाय भारत की ओर देखेगी, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ दुनिया का पेट भर रहा है।

यह उपलब्धि एक सबक है उन लोगों के लिए जो खेती को पिछड़ा काम मानते थे। 2026 में भारत ने साबित कर दिया है कि वह केवल आईटी और अंतरिक्ष में ही नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े कृषि क्षेत्र में भी विश्व गुरु बनने की क्षमता रखता है। हमारे किसानों की झोली आज खुशियों से भरी है, और भारत की साख पूरी दुनिया में चमक रही है।

विशेष डेटा तालिका: चावल उत्पादन का वैश्विक परिदृश्य (2026)

विवरण

भारत की स्थिति

चीन की स्थिति

वैश्विक हिस्सेदारी

उत्पादन रैंक

नंबर 1

नंबर 2

–

कुल हिस्सेदारी

28.4%

26.1%

भारत अग्रणी

निर्यात प्रभुत्व

40%+

–

भारत का दबदबा

Tags: ChinaICARIndiaPaddyRiceRice productionshivraj singh chouhan
Previous Post

महाराष्ट्र की धरती से गूँजेगा ‘किसान कल्याण’ का संकल्प: शिवराज सिंह चौहान का तीन दिवसीय दौरा!

Next Post

उत्तर प्रदेश में 26 हजार ‘आजीविका सखियां’ बदल रही हैं गांवों की तकदीर

अंकित शर्मा

अंकित शर्मा

Related Posts

पशुपालन

सिर्फ दूध नहीं, देश का भविष्य हैं हमारी देसी नस्लें-कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

January 15, 2026
सरकारी योजनाएं

गाय माता के नाम पर ‘करोड़ों का घोटाला’! 3.5 करोड़ के फंड का दुरुपयोग

January 9, 2026
खेती-किसानी

अब हाई-टेक होगी भारतीय खेती! कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खींचा डिजिटल फार्मिंग का खाका

January 8, 2026
खेती-किसानी

बासमती चावल जैसी महक वाली तोरई की खेती से मालामाल होंगे किसान!

January 7, 2026
Next Post

उत्तर प्रदेश में 26 हजार 'आजीविका सखियां' बदल रही हैं गांवों की तकदीर

खबर किसान की

© 2025 khabarkisanki.com

Navigate Site

  • About
  • Team
  • Privacy & Policy
  • Contact
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • वीडियो
  • सरकारी योजनाएं

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • खाद-बीज
  • खेती-किसानी
  • पशुपालन
  • मौसम
  • लेटेस्ट न्यूज
  • विज्ञान और तकनीक
  • वीडियो
  • सक्सेस स्टो‍री
  • सरकारी योजनाएं
  • सेहत

© 2025 khabarkisanki.com

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist