उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पशुपालकों और किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। जिस प्रकार आम जनता को सस्ती दर पर दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए ‘प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र’ संचालित किए जा रहे हैं, उसी मॉडल पर अब पशुओं के उपचार के लिए समर्पित ‘पशु औषधि केंद्र’ स्थापित किए जाएँगे। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुधन स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए आवश्यक दवाएँ सुलभता और किफायती कीमतों पर मिल सकें, जिससे उन पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सके।
योजना का विस्तार और लक्ष्य:
राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के हर विकास खंड (ब्लॉक) स्तर पर कम से कम एक पशु औषधि केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि दवाएँ शहरी या जिला मुख्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी आसानी से पहुँचें। अमरोहा जैसे कई जिलों में पशुपालन विभाग ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएँ और कार्यवाहियाँ पहले ही शुरू कर दी हैं, जो योजना के त्वरित क्रियान्वयन का संकेत है।
किसानों को आर्थिक लाभ:
पशुधन भारतीय कृषि और ग्रामीण जीवन का आधार है। पशुओं के बीमार पड़ने पर किसानों को अक्सर महँगी दवाइयाँ खरीदनी पड़ती हैं, जिससे उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च हो जाता है। इन नए पशु औषधि केंद्रों की स्थापना से, किसानों को कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएँ मिलेंगी। यह पहल विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ी राहत होगी, जिससे उनका आर्थिक स्तर मजबूत होगा और वे अपने पशुओं के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। पशुधन का बेहतर स्वास्थ्य अंततः कृषि उत्पादकता और किसानों की समग्र आय में वृद्धि करेगा।
पशु औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया और पात्रता मानदंड:
इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए, सरकार ने केंद्र स्थापित करने हेतु एक स्पष्ट और पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की है। जो उद्यमी या संस्थाएँ इन केंद्रों को खोलना चाहते हैं, उन्हें एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा:
आवेदन और चयन प्रक्रिया
- आवेदन का तरीका: इच्छुक आवेदकों को सबसे पहले एक ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा।
- समर्पित पोर्टल: आवेदन के लिए एक विशिष्ट पोर्टल या लिंक सक्रिय किया गया है:
https://pashuaushadhi-dahd-gov-in
सभी आवेदन इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। - आवेदक संस्थाएं: आवेदन मुख्य रूप से प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और कोऑपरेटिव सोसाइटी जैसी संस्थाओं या समूहों द्वारा किया जा सकता है, जो पहले से ही कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
- शुल्क जमा: आवेदन जमा करने के लिए निर्धारित आवेदन शुल्क भरना अनिवार्य होगा।
पात्रता की मुख्य शर्तें
केंद्र स्थापित करने वाले आवेदकों को निम्नलिखित अनिवार्य मानकों को पूरा करना होगा:
- फार्मासिस्ट पंजीकरण: आवेदक के पास एक पंजीकृत फार्मासिस्ट का प्रमाण पत्र होना आवश्यक है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि दवाओं का वितरण और प्रबंधन विशेषज्ञ की देखरेख में हो।
- ड्रग लाइसेंस: दवाओं के वैध भंडारण और बिक्री के लिए मान्य ड्रग लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है।
- न्यूनतम स्थान: केंद्र के संचालन और दवाइयों के व्यवस्थित भंडारण के लिए कम से कम 120 वर्ग फीट का स्थान उपलब्ध होना चाहिए।
सत्यापन और अंतिम चयन
ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद, पूरी प्रक्रिया की निगरानी और सत्यापन पशुपालन विभाग द्वारा किया जाएगा:
- निरीक्षण और सत्यापन: विभाग की एक टीम द्वारा आवेदन में बताई गई पात्रता की शर्तों और उपलब्ध स्थान का भौतिक निरीक्षण और सत्यापन किया जाएगा।
- चयन मानदंड: अंत में, शासन द्वारा निर्धारित पारदर्शी चयन प्रक्रिया के अनुसार ही योग्य आवेदकों का चुनाव किया जाएगा, ताकि केंद्र जल्द से जल्द परिचालन में आ सकें।





