भारत के कृषि इतिहास में एक अभूतपूर्व और क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को पारंपरिक बिजली कनेक्शनों की जटिलताओं और महंगे बिलों से हमेशा के लिए मुक्त करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, किसानों के लिए एक अलग और समर्पित बिजली कंपनी का गठन किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य सौर ऊर्जा (Solar Energy) की सीधे खेत तक आपूर्ति करना होगा।
यह देश में पहली बार होगा जब कोई बिजली कंपनी विशेष रूप से किसानों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि इस पहल का लक्ष्य दिसंबर 2026 के आखिर तक प्रदेश के हर किसान को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, जिससे न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि महाराष्ट्र के किसान प्रदूषण मुक्त खेती की ओर अग्रसर होंगे।
1. 25 साल तक बिजली बिल से ‘आज़ादी’ का तोहफ़ा
इस नई योजना का सबसे आकर्षक और किसानों के लिए सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके तहत किसानों को 25 साल की लंबी अवधि तक बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा। इसका मतलब है कि 25 साल तक उनका बिजली बिल शून्य (Zero Bill) आएगा।
- लागत में भारी कमी: बिजली बिल शून्य होने से किसानों की खेती की लागत में भारी कटौती होगी। यह पैसा वे बेहतर बीज, उपकरण या अपनी निजी ज़रूरतों पर खर्च कर सकेंगे।
- स्थिर आपूर्ति: सौर ऊर्जा की सीधी आपूर्ति से किसानों को अनियमित बिजली कटौती या वोल्टेज की समस्या से मुक्ति मिलेगी, जिससे उनकी सिंचाई व्यवस्था अधिक विश्वसनीय बनेगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा जहाँ किसानों के लिए अलग बिजली कंपनी होगी। सरकार ने दिसंबर 2026 तक 16,000 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जो विशेष रूप से किसानों के उपयोग के लिए होगी।
2. 10.50 लाख सोलर कृषि पंप लगाने की योजना
महाराष्ट्र सरकार ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई है। इस योजना का फोकस उन किसानों पर है जो पैसा जमा करने के बावजूद पेंडिंग कैटेगरी में बिजली कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं।
- रिकॉर्ड तोड़ सफलता: हाल ही में, महाराष्ट्र ने सौर कृषि पंप योजना के तहत केवल एक महीने के भीतर 45,911 सोलर पंप लगाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसने इस योजना को और गति दी है।
- विस्तृत लक्ष्य: सरकार अब 10.50 लाख सोलर कृषि पंप लगाने की योजना पर काम कर रही है ताकि बिजली कनेक्शन के लिए इंतजार कर रहे किसानों को तुरंत राहत मिल सके।
- सरल प्रक्रिया: इस महत्वाकांक्षी पहल को ‘मागेल त्याला सौर कृषि पंप योजना’ के तहत एक अलग ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। किसानों को केवल ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, और आवेदन स्वीकार होने के बाद, अपने हिस्से का निवेश जमा करने पर, एजेंसी उनके खेत में पंप लगाएगी।
3. एशियन बैंक का समर्थन: $1 बिलियन का कर्ज
इस विशाल परियोजना को ज़मीनी स्तर पर उतारने के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता है। महाराष्ट्र सरकार ने इस दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया है।
- अंतर्राष्ट्रीय समझौता: इस परियोजना को पूरा करने के लिए महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।
- बड़ा निवेश: समझौते के तहत, बैंक द्वारा महाराष्ट्र सरकार को 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विशाल कर्ज दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो इस योजना की आर्थिक स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय मान्यता को दर्शाता है।
4. प्रदूषण मुक्त खेती की ओर अग्रसर
यह योजना केवल किसानों की जेब को राहत नहीं देगी, बल्कि यह पर्यावरण और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- हरित क्रांति: सौर ऊर्जा का उपयोग जीरो कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करता है। इससे डीज़ल पंपों पर निर्भरता खत्म होगी और प्रदेश में प्रदूषण का स्तर कम होगा।
- जलवायु परिवर्तन से बचाव: प्रदूषण मुक्त खेती से महाराष्ट्र, जो अक्सर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों (जैसे अनियमित मानसून) का सामना करता है, एक टिकाऊ कृषि मॉडल की ओर बढ़ेगा।





