आम आदमी और उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अक्टूबर महीने में खुदरा खाद्य महंगाई दर लगातार पाँचवें महीने नकारात्मक (Negative) स्तर पर बनी हुई है। ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में यह दर -5.02% दर्ज की गई है। इसका सीधा मतलब है कि पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस साल खाने-पीने की वस्तुएँ औसतन सस्ती हुई हैं।
यह गिरावट मुख्य रूप से सब्ज़ियों, दालों, अनाज, मांस और मसालों की कीमतों में आई है। इससे पहले, सितंबर में खाद्य महंगाई दर -2.28% थी, जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह दर 10.87% के उच्च स्तर पर थी, जिससे इस बार उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
सब्ज़ियों और दालों ने दी सबसे बड़ी राहत
महंगाई में इस तेज़ गिरावट का सबसे बड़ा श्रेय सब्ज़ियों और दालों को जाता है, जिनकी कीमतों में भारी कमी दर्ज की गई है:
- सब्ज़ियाँ: सब्जियों की महंगाई दर अक्टूबर में रिकॉर्ड -27.57% रही, जो सितंबर में -21.38% थी।
- दालें (Pulses): दालों की कीमतों में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज हुई है, जिसकी महंगाई दर -16.15% रही।
- विशेष रूप से अरहर दाल की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट, -30.37% की भारी कमी आई है।
- कारण: खरीफ और रबी की अच्छी फसल की उम्मीदें और सरकार के पास दालों का पर्याप्त स्टॉक इस गिरावट का मुख्य कारण है।
अनाज, अंडे और मसालों की कीमतों में भी नरमी
खाद्य महंगाई में नरमी का असर अन्य कृषि उत्पादों पर भी स्पष्ट दिखा है:
- अनाज (Cereals): अनाज की महंगाई दर कम होकर केवल 0.92% पर आ गई।
- चावल की कीमतों में (-) 0.56% की गिरावट दर्ज हुई।
- गेहूं की महंगाई दर भी घटकर 2.04% रह गई है।
- मांस, मछली और अंडे: मांस और मछली श्रेणी में महंगाई केवल 1.74% रही। चिकन की कीमतों में (-) 1.91% की गिरावट आई, जबकि अंडों की कीमतों में मामूली 1.33% की बढ़ोतरी हुई।
- मसाले (Spices): मसालों की महंगाई दर भी घटकर 3.29% पर आ गई, जिसमें जीरे की कीमत में (-) 14.49% की अच्छी गिरावट शामिल है।
खाद्य तेल अभी भी चिंता का विषय
बाकी खाद्य पदार्थों में राहत के बावजूद, खाने के तेल की महंगाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है:
- उच्च महंगाई: अक्टूबर में खाद्य तेलों की महंगाई 11.17% के उच्च स्तर पर रही। सरसों के तेल में 12% और रिफाइंड तेल में 10.23% की महंगाई दर्ज की गई।
- मुख्य कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतों का बढ़ना है, क्योंकि भारत अपनी ज़रूरत का लगभग 58% खाद्य तेल आयात करता है.





